नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी कि CBI ने दिल्ली पुलिस के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई संपत्ति विवाद से जुड़े मामले में की गई, जहां आरोपी दरोगा ने शिकायतकर्ता से कुल 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। CBI ने 10 फरवरी 2026 को यह मामला दर्ज किया था। आरोप है कि दिल्ली के सीआर पार्क पुलिस स्टेशन में तैनात इस घूसखोर दरोगा ने शिकायतकर्ता से संपत्ति विवाद को सुलझाने के नाम पर 25 लाख रुपये की अवैध रकम मांगी थी। उसने कहा था कि पैसे देने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
CBI में घूसखोर दरोगा को मौके से पकड़ा
मामले की जानकारी मिलने के बाद CBI ने जाल बिछाया और 10 फरवरी 2026 को ही आरोपी ASI को घूस के पैसों के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। उस समय आरोपी दरोगा शिकायतकर्ता से विवाद सुलझाने की एवज में मांगी गई 25 लाख रुपये की कुल रकम में से 10 लाख रुपये की पहली किस्त ले रहा था। आरोपी घूस की रकम को हजम कर पाता इससे पहले ही CBI ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने कहा है कि मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है और मामले की जांच अभी जारी है।
7 फरवरी को पकड़ा गया था एक और ASI
बता दें कि CBI ने 7 फरवरी को दिल्ली पुलिस के एक और ASI को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। यह ASI पश्चिम विहार थाने में तैनात था और उसने शिकायतकर्ता के भाई को जमानत दिलवाने के बदले 25000 रुपये रिश्वत मांगी थी। आरोपी ASI ने साथ ही धमकी भी दी थी कि अगर घूस नहीं दी गई तो शिकायतकर्ता के भाई को अन्य मामलों में भी फंसाया जाएगा। बाद में घूस की रकम 15000 रुपये पर तय हुई जिसके बाद CBI ने 7 फरवरी को ही जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया था।
CBI में आप भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत
CBI ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख्त नीति दोहराते हुए आम नागरिकों से अपील की है कि अगर कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांग रहा हो या भ्रष्टाचार का कोई मामला सामने आए तो उसकी जानकारी दें। शिकायतकर्ता CBI के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) दिल्ली के कार्यालय में जा सकते हैं जिसका पता CBI भवन, पहली मंजिल, CGO कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली है। शिकायत फोन पर भी दर्ज कराई जा सकती है जिसका फोन नंबर 011-24367887 और मोबाइल नंबर 9650394847 है। CBI का संदेश साफ है कि भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।