Chunav Manch : केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आज संकेत दिया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एक फरवरी को एक दूरदर्शी और देश की मजबूत नींव रखने वाला केंद्रीय बजट संसद में पेश किया जाएगा। दिल्ली चुनाव को लेकर दिन भर चले इंडिया टीवी कॉन्क्लेव "चुनाव मंच" कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने कहा: "1 फरवरी को पेश किया जाने वाला बजट बढ़िया होगा। यह एक दूरदर्शी बजट होगा जिसका लक्ष्य अगले ढाई वर्षों में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना होगा। इसका उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था को आज के 350 लाख करोड़ रुपये से दस गुना बढ़ाकर 3500 लाख करोड़ रुपये करना है और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि 140 करोड़ भारतीयों को इसका लाभ मिले। केंद्रीय बजट उस लक्ष्य की नींव रखेगा।"
केजरीवाल को हार का अहसास हो गया है
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा जारी "मिडिल क्लास मैनिफेस्टो" के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, टैक्स छूट और पेंशन से संबंधित सात मांगें की गई हैं, पीयूष गोयल ने मुस्कुराते हुए कहा, "ऐसा लगता है कि केजरीवाल को एहसास हो गया है कि वह हार रहे हैं और वह अब विपक्षी नेता की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं"।
अपने सात सूत्री मिडिल क्लास चार्टर में केजरीवाल ने मांग की थी कि शिक्षा बजट को 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए, प्राइवेट स्कूलों की फीस पर कैप लगाई जाए, उच्च शिक्षा के लिए सब्सिडी और छात्रवृत्ति दी जाए तथा स्वास्थ्य बजट को बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए, इसके अलावा स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स हटाया जाए।
मिडिल क्लास के लिए केजरीवाल ने इनकम टैक्स छूट सीमा को मौजूदा 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने, आवश्यक वस्तुओं से जीएसटी हटाने, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर सेवानिवृत्ति और पेंशन योजनाएं, सभी अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त इलाज और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50 प्रतिशत रेल यात्रा रियायत की मांग की थी।
घट रही है केजरीवाल की लोकप्रियता
पीयूष गोयल ने जवाब दिया: "यह साफ है कि केजरीवाल को एहसास हो गया है कि उनकी लोकप्रियता घट रही है और उनकी पार्टी दिल्ली में सत्ता खोने जा रही है। इसलिए, वह एक विपक्षी नेता की भूमिका में आ रहे हैं और केंद्र को सलाह दे रहे हैं। मैं केजरीवाल और दिल्ली के लोगों दोनों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी अपने हर बजट में हमेशा राष्ट्रीय हित और जनता के हित को ध्यान में रखते हैं, जिसका उद्देश्य देश के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।"
केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली में कोविड महामारी के दौरान दिल्ली की आप सरकार की भूमिका पर निशाना साधा। गोयल ने कहा, " कोविड के दौरान मुंबई ने जिस तरह से मैनेजमेंट किया उसकी तुलना में दिल्ली पिछड़ गई। जबकि मुंबई की आबादी दिल्ली से ज्यादा है। शहर में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी क्योंकि 225 से 250 टन ऑक्सीजन की मांग पूरी की जा रही थी लेकिन दिल्ली में आप सरकार पूरी तरह से कंफ्यूज थी। पहले उन्होंने 250 टन की मांग की, फिर उन्होंने अपनी मांग बढ़ाकर 400 टन कर दी और फिर उन्होंने अपनी मांग बढ़ाकर 700 टन कर दी।"
वाणिज्य मंत्री ने कहा, "जब 700 टन ऑक्सीजन दिल्ली भेजी गई थी, तो ऑक्सीजन रखने के लिए जगह नहीं थी और ऑक्सीजन से भरे टैंकर चार से छह दिनों तक यूं ही पड़े रहते थे। फिर भी दिल्ली में लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिली, क्योंकि सरकार में पूरी तरह से कुप्रबंध था। दिल्ली सरकार पूरी तरह से फेल हो गई थी।"
शून्य हो चुकी है केजरीवाल की विश्वसनीयता
केजरीवाल द्वारा अपने पूर्व सरकारी आवास, जिसे भाजपा ने शीश महल बताया है, को जनता के लिए खोलने की चुनौती पर गोयल ने कहा, "केजरीवाल की विश्वसनीयता अब शून्य हो चुकी है। अब वह ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं।... शीश महल के अंदर की सभी तस्वीरें सार्वजनिक हैं और टीवी चैनलों पर दिखाई जा चुकी हैं। उनकी सरकार शीश महल पर सीएजी की रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है? सीएजी की रिपोर्ट उनकी सरकार के पास पड़ी है। शराब घोटाले पर सीएजी की रिपोर्ट भी उनकी सरकार के पास है। उन्हें सीएजी की यह रिपोर्ट भी सार्वजनिक करनी चाहिए।"