1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. दिल्ली: जजों के लिए 5 स्टार होटल बुकिंग का आदेश रद्द, केजरीवाल और सिसोदिया को नहीं थी जानकारी

दिल्ली: जजों के लिए 5 स्टार होटल बुकिंग का आदेश रद्द, केजरीवाल और सिसोदिया को नहीं थी जानकारी

 Written By: Bhasha
 Published : Apr 27, 2021 11:35 pm IST,  Updated : Apr 27, 2021 11:58 pm IST

दिल्ली हाई कोर्ट के जजों और उनके परिवार के लिए 5 स्टार होटल (अशोका होटल) में 100 कमरे बुक कर कोविड केयर सेंटर बनाने के आदेश को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रद्द कर दिया है।

दिल्ली: जजों के लिए 5 स्टार होटल बुकिंग का आदेश रद्द, केजरीवाल और सिसोदिया को नहीं थी जानकारी- India TV Hindi
दिल्ली: जजों के लिए 5 स्टार होटल बुकिंग का आदेश रद्द, केजरीवाल और सिसोदिया को नहीं थी जानकारी Image Source : PTI

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट के जजों और उनके परिवार के लिए 5 स्टार होटल (अशोका होटल) में 100 कमरे बुक कर कोविड केयर सेंटर बनाने के आदेश को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रद्द कर दिया है। उन्होंने मंगलवार की शाम को आर्डर की फाइल मंगाई थी, जिसके बाद उन्होंने इसे रद्द करने का आदेश दिया। दरअसल, होटल बुक करने के आदेश के बारे में न तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जानकारी थी और न ही उप मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इसकी कोई जानकारी थी।

वहीं, इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को केजरीवाल सरकार को लताड़ भी लगाई है। इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार से कहा है कि उन्होंने तो दिल्ली सरकार से होटल रिजर्व करने के लिए नहीं कहा था। कोर्ट ने कहा कि हम अपने 2 जज खो चुके हैं और अगर हाईकोर्ट के किसी स्टाफ को जरूरत पड़ती है तो अस्पताल की सुविधा दी जाए।

हाईकोर्ट ने कहा कि उसने अपने न्यायाधीशों के लिए अशोक होटल में एक सौ बेड की इकाई स्थापित करने का कोई अनुरोध नहीं किया है, जैसा कुछ खबरों में कहा गया है। दिल्ली सरकार से नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने कहा, "हम ऐसा सोच भी नहीं सकते, ऐसे में जब लोग सड़कों पर मर रहे हैं तो क्या एक संस्थान के तौर पर हम अपने आप को तरजीह देंगे?"

हाईकोर्ट के जज ने दिल्ली सरकार को कहा कि आप बिना सोचे समझे आदेश जारी कर रहे हो, हमने तो इसके लिए मांग भी नहीं की थी। हाईकोर्ट के जज ने कहा कि अस्पतालों में स्टाफ नहीं है, जरूरी सामान नहीं है, वेंटीलेटर नहीं हैं, दवाएं नहीं हैं, ऐसे में इस तरह का आदेश जारी करके आप (दिल्ली सरकार) क्या संदेश देना चाहते हैं।

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को लताड़ लगाते हुए कहा कि क्या एक संस्थान के तौर पर कोर्ट कह सकता है कि हमारे लिए इस तरह की फेसिलिटी तैयार की जाए? कोर्ट ने कहा कि क्या यह भेदभाव नहीं होगा। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। दिल्ली से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।