दिल्ली एनसीआर में हल्की बारिश के चलते हवा साफ हुई है। इसके बाद ग्रैप-1 हटा दिया गया है। धूल भरी आंधी के कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ा था। इसके बाद ग्रैप-1 के उपाय लागू किए गए थे। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने रविवार को एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के स्टेज-I उपायों को हटा दिया। दिल्ली में दो दिन कर ग्रैप-1 के उपाय लागू रहे। जीआरएपी के चरण-I उपायों को रद्द करने का निर्णय सीएक्यूएम उप-समिति द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दैनिक एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार रविवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 179 रहा।
दिल्ली के दैनिक औसत एक्यूआई में उल्लेखनीय सुधार के बाद एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान पर उप-समिति ने बैठक की। इस बाठक में क्षेत्र में वर्तमान वायु गुणवत्ता परिदृश्य की समीक्षा की गई। इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम संबंधी पूर्वानुमानों पर चर्चा की गई। बैठक में 16 मई से पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू जीआरएपी की मौजूदा अनुसूची के चरण-I के तहत कार्रवाई पर उचित निर्णय लिया गया।
दिल्ली - एनसीआर के समग्र वायु गुणवत्ता मापदंडों और अन्य पहलुओं की व्यापक समीक्षा करते हुए, उप-समिति ने पाया कि तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश के बाद दिल्ली के एक्यूआई में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 18 मई को दिल्ली का AQI 179 ('मध्यम' श्रेणी में) दर्ज किया गया है। इसके अलावा, मौसम विभाग के पूर्वानुमान में यह भी अनुमान लगाया गया है कि आने वाले दिनों में AQI मुख्य रूप से 'मध्यम' श्रेणी में ही रहेगा। इसलिए, दिल्ली के एक्यूआई में सुधार की इस प्रवृत्ति और आईएमडी के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए सीएक्यूएम उप-समिति ने सर्वसम्मति से पूरे एनसीआर में जीआरएपी की मौजूदा अनुसूची के चरण-I को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला किया।
एनसीआर में संबंधित राज्य सरकारों की सभी एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आयोग द्वारा जारी सभी वैधानिक निर्देशों, परामर्शों, आदेशों आदि का सही तरीके से पालन और कार्यान्वयन किया जाए, जिसमें एमओईएफसीसी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी नियम, विनियम और दिशानिर्देश और सभी योगदान क्षेत्रों में संबंधित राज्य सरकारों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों/डीपीसीसी द्वारा जारी संबंधित निर्देश शामिल हैं। इस संदर्भ में, सभी संबंधित एजेंसियों को एनसीआर में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए आयोग द्वारा जारी व्यापक नीति में परिकल्पित विभिन्न कार्यों और लक्षित समयसीमाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है और तदनुसार क्षेत्र में उचित कार्रवाई, विशेष रूप से धूल शमन उपाय करने की आवश्यकता है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि उप-समिति वायु गुणवत्ता परिदृश्य पर कड़ी नजर रखेगी तथा दिल्ली में वायु गुणवत्ता और आईएमडी/आईआईटीएम द्वारा उपलब्ध कराए गए पूर्वानुमान के आधार पर आगे उचित निर्णय लेने के लिए समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करेगी। 16 मई को वायु प्रदूषण के स्तर में अचानक वृद्धि के जवाब में , वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ( एनसीआर ) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान ( जीआरएपी ) के चरण-I उपायों को लागू किया था। 15 मई को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) हवा की गति के कारण तेजी से बिगड़ गया था। (इनपुट- एएनआई)
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