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पेड़ो को जिंदा रखने के लिए बड़ी पहल, यहां 9 हजार से ज्यादा छात्रों ने ऐसे दी परीक्षा

 Reported By: Nirnay Kapoor, Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 07, 2023 06:34 pm IST,  Updated : May 07, 2023 06:34 pm IST

चांगा स्थित चारोतार यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (चारुसत) ने डिजिटल पेपरलेस परीक्षा शुरू करने वाला गुजरात का पहला शैक्षणिक संस्थान बनने के बाद एक और उपलब्धि हासिल की है।

9 कॉलेजों के 9 हजार से ज्यादा छात्रों ने टेबलेट पर दी परीक्षा- India TV Hindi
9 कॉलेजों के 9 हजार से ज्यादा छात्रों ने टेबलेट पर दी परीक्षा

चांगा स्थित चारोतार यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (चारुसत) ने डिजिटल पेपरलेस परीक्षा शुरू करने वाला गुजरात का पहला शैक्षणिक संस्थान बनने के बाद एक और उपलब्धि हासिल की है। मौजूदा वार्षिक परीक्षा में चारूसैट के 9 कॉलेजों के 9000 से अधिक छात्र पेपर की जगह टैबलेट पर परीक्षा दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस पहल से 12 लाख कागज यानी लगभग 150 पेड़ों को बचाया जा रहा है और पर्यावरण को बनाए रखने में मदद मिल रही है।

पहले फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स के लिए आयोजित की गई थी परीक्षा

2019 में, सिंगापुर स्थित कंपनी, चारुसत विश्वविद्यालय और लिटिलमोर इनोवेशन लैब्स के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। जिसके एक भाग के रूप में, लिटिलमोर इनोवेशन लैब्स ने विश्वविद्यालय को डिजिटल पेपरलेस परीक्षा आयोजित करने की सुविधा प्रदान की। डिजिटल पेपरलेस विश्वविद्यालय परीक्षा प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए उनके द्वारा शैक्षणिक कर्मचारियों और छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण कक्षाएं आयोजित की गईं।

शुरुआत में ये परीक्षाफर्स्ट ईयर के छात्रों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें 1500 से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा दी थी। इसके बाद 2022-2023 से सभी आंतरिक और बाहरी परीक्षाओं को पेपरलेस मोड में आयोजित करने का फैसला लिया गया, जिसके तहत वर्तमान में टैबलेट पर परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।

शुरुआत में सर्विस बेस्ड कॉन्ट्रैक्ट पर खरीदे गए थे टेबलेट
शुरुआत में लिटिलमोर इनोवेशन लैब्स से सर्विस बेस्ड कॉन्ट्रैक्ट पर 1250 टैबलेट चारुसैट खरीदे गए। लेकिन अब विश्वविद्यालय खुद सिस्टम में प्रश्न पत्र, संलेखन, आसंर शीट मूल्यांकन स्थापित करता है। मल्टी मीडिया ऑडियो वीडियो रखकर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। प्रश्न पत्र क्लाउड में एन्क्रिप्टेड मोड में सहेजे जाते हैं और पासवर्ड से स्कैन किए जाते हैं, इसलिए पेपर लीक होने की कोई संभावना नहीं है। छात्र आसानी से लिख सकते हैं और यह तुरंत सेव हो जाता है। शिक्षक पेपर चेक करते हैं और टैबलेट में ही अंक देते हैं। टोटल मार्क्स, मार्क्स को कैरी फॉरवर्ड करना, सेक्शन वाइज मार्क्स, कोर्स आउटकम वाइज मार्क्स रिपोर्ट ये सभी सिस्टम द्वारा जेनरेट किए जाते हैं।

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