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CBSE ने 38 लाख पैकेट DoS अटैक नाकाम किए, रिवैल्यूएशन पोर्टल पर 56,000 से ज्यादा आवेदन

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 04, 2026 11:50 am IST,  Updated : Jun 04, 2026 11:56 am IST

सीबीएसई ने साफ किया है कि छात्र 6 जून तक कॉपियों की दोबारा चेकिंग के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 3 जून को रात 9.30 बजे तक 56 हजार से ज्यादा छात्र रिवैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर चुके हैं।

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सीबीएसई रिवैल्यूएशन पोर्टल Image Source : CBSE.GOV.IN

सीबीएसई ने बताया है कि रिवैल्यूएशन पोर्टल पर लगातार साइबर हमले हो रहे हैं। हालांकि, इन सब चुनौतियों से निपटते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड रिवैल्यूएशन पोर्टल का संचालन कर रहा है। बुधवार रात 9.30 बजे तक 56,000 से ज्यादा छात्र कॉपियों की दोबारा चेकिंग के लिए अप्लाई कर चुके हैं। छात्रों के पास कॉपी दोबारा चेक करने का आवेदन करने के लिए 6 जून तक का समय है। 6 जून को रात 12 बजे पोर्टल बंद हो जाएगा। छात्र की सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट- cbse.gov.in/newsite_old/rchk.html पर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। सीबीएसई की तरफ से बताया गया है कि अब तक 38 लाख पैकेट DoS अटैक नाकाम किए जा चुके हैं।

सीबीएसई ने बुधवार को एक्स पोस्ट पर लिखा, "आज रात 9:30 बजे तक पोर्टल ने वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए 56000 से ज्यादा एप्लीकेशन स्वीकार किए हैं। आज दोपहर वेबसाइट पर 3.8 मिलियन पैकेट डिनायल ऑफ सर्विस अटैक को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया। हमारी टेक्निकल टीमें स्टुडेंट्स को ज्यादा स्मूथ, तेज और बिना रुकावट वाला एक्सपीरियंस देने के लिए परफॉर्मेंस पर लगातार नजर रख रही हैं और सुधार ला रही हैं।"

क्या है पैकेट डिनायल ऑफ सर्विस अटैक?

पैकेट डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) हमले में हैकर किसी वेब पोर्टल पर भारी मात्रा में नेटवर्क पैकेट भेजते है। ऐसा करके सर्वर संसाधनों को पूरी तरह खत्म कर दिया जाता है। इससे असली यूजर वेबसाइट को एक्सेस नहीं कर पाते हैं। हैकर अक्सर गलत तरीके से बने पैकेट, फेक ट्रैफिक या लगातार कनेक्शन रिक्वेस्ट भेजकर नेटवर्क की अलग-अलग लेयर को निशाना बनाते हैं। इसका उद्देश्य सर्वर क्रैश करना या बैंडविड्थ ओवरलोड करना होता है।

क्यों हो रहा बवाल?

12वीं कक्षा के कुछ छात्रों का आरोप है कि बोर्ड की तरफ से उनकी जो कॉपी अपलोड की गई है। वह असली कॉपी से अलग है। ऐसे में आशंका पैदा होती है कि बच्चों को गलत नंबर मिले हैं। छात्रों का आरोप है कि अपलोड की गई कॉपियों की हैंडराइटिंग उनकी हैंडराइटिंग से मेल नहीं खाती है। सीबीएसई ने इस मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया है। इसकी अध्यक्ष एश राधा चौहान हैं। जरूरत पड़ने पर वह अन्य विभागों के अधिकारियों से भी मदद ले सकती हैं। यह पैनल एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देगा।

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