1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. एजुकेशन
  4. परीक्षा
  5. UP Board Exam: 12वीं की परीक्षा रद्द, CM योगी बोले- बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता

UP Board Exam: 12वीं की परीक्षा रद्द, CM योगी बोले- बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता

UP Board की 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई है। आज सीएम योगी ने इस फैसले पर आखिरी मुहर लगाई गई है। इससे पहले यूपी सरकार ने हाईस्कूल की परीक्षा रद्द कर चुकी है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: June 03, 2021 14:49 IST

लखनऊ. कोरोना संकट को देखते हुए UP Board की 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई है। आज सीएम योगी ने इस फैसले पर आखिरी मुहर लगाई गई है। इससे पहले यूपी सरकार ने हाईस्कूल की परीक्षा रद्द कर चुकी है। आज सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में डिप्टी सीएम व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। ये बैठक करीब 1 घंटे तक चली जिसमें ये तय किया गया कि एग्जाम कैंसिल कर दिए जाएं।

सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस सिलसिले में आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में प्रदेश के माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा मंत्री उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने खुद भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी की वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से यूपी बोर्ड ने निर्णय लिया है कि वर्तमान शैक्षिक सत्र में माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा।’’

यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा के लिए 26 लाख परीक्षार्थियों ने अपना पंजीकरण कराया था। प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पिछले महीने यूपी बोर्ड की दसवीं की परीक्षा भी निरस्त कर दी थी। हाई स्कूल के 30 लाख परीक्षार्थियों को 11वीं कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा।

उच्चतम न्यायालय ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर प्रसन्नता जाहिर की

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे यह जानकार खुशी है कि सरकार ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है और उसने सीबीएसई तथा सीआईसीएसई को अंकों के मूल्यांकन के लिए उद्देश्यपरक मानदंड दो हफ्तों के भीतर पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल और सीआईएससीई की तरफ से पेश वकील जे के दास को दो हफ्तों के भीतर मानदंड पेश करने को कहा।

पीठ ने कहा, ‘‘हम खुश हैं कि सरकार ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है लेकिन हम चाहते हैं कि अंकों के मूल्यांकन के लिए सामान्य मानदंड हमारे समक्ष पेश किया जाए।’’

पीठ ने स्पष्ट किया कि वह मानदंड पेश करने के लिए और वक्त नहीं देगी क्योंकि कई छात्र भारत तथा विदेश में कॉलेजों में दाखिले लेंगे। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वह अंकों के मूल्यांकन के लिए सामान्य मानदंडों पर गौर करेगा ताकि किसी को भी कोई आपत्ति हो तो उसे सुलझाया जा सके। पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता द्वारा बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की मांग के साथ ही यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।’’

सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने का मंगलवार को फैसला लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि छात्रों के हित में यह फैसला लिया गया है। मोदी की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय बैठक में साथ ही यह फैसला भी हुआ कि सीबीएसई 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के परिणामों को समयबद्ध तरीके से एक पूर्णत: स्‍पष्‍ट उद्देश्यपरक मानदंड के अनुसार संकलित करने के लिए आवश्‍यक कदम उठाएगा। 

Click Mania
Modi Us Visit 2021