केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आगामी शैक्षणिक वर्ष से कुछ कक्षाओं की लागत कम करेगी। उन्होंने बताया कि परिषद जो एक वर्ष में पांच करोड़ पाठ्यपुस्तकें छापती है, अगले वर्ष से 15 करोड़ तक की क्षमता बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कक्षा 9 से 12 तक के लिए अद्यतन पाठ्यक्रम के अनुसार नई पाठ्यपुस्तकों का अद्यतन संस्करण 2026-27 शैक्षणिक सत्र से उपलब्ध होगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, "अगले शैक्षणिक वर्ष में एनसीईआरटी 15 करोड़ गुणवत्तापूर्ण और किफायती किताबें पब्लिश करेगा। मौजूदा समय में यह लगभग 5 करोड़ पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित करता है। पहले पाठ्यपुस्तकों के बारे में मांग और आपूर्ति के मुद्दों को लेकर चिंताएं थीं, हालांकि अब इसका समाधान किया जाएगा।"
"चूंकि पुस्तकों की छपाई की मात्रा अधिक होने जा रही है, इसलिए कुछ कक्षाओं के लिए पाठ्यपुस्तकों की कीमतें कम की जाएंगी। हालांकि, अभिभावकों पर कोई फाइनेंशियल लोड न पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए किसी भी कक्षा के लिए कीमत नहीं बढ़ाई जाएगी।"
मंत्री ने बताया कि नए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF) के मुताबिक पाठ्यपुस्तकों को अपडेट करने का प्रोसेस जारी है। उन्होंने कहा, "प्रक्रिया जारी है और कक्षा 9-12 के लिए पाठ्यपुस्तकें 2026-27 एकेड्मिक सेशन तक तैयार हो जाएंगी।"
एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी के अनुसार, कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यपुस्तकों की कीमतों में 20 प्रतिशत की कटौती आगामी शैक्षणिक वर्ष से प्रभावी हो जाएगी। दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा था, "अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए कक्षा 9-12 की सभी पाठ्यपुस्तकें एनसीईआरटी द्वारा मौजूदा मूल्य से 20 प्रतिशत कम कीमत पर बेची जाएंगी।"
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