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यूपी एसटीएफ के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, RO/ARO पेपर लीक करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

 Reported By: Ruchi Kumar, Edited By: Shailendra Tiwari
 Published : Sep 06, 2024 05:38 pm IST,  Updated : Sep 06, 2024 05:55 pm IST

STF ने समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रीलिम्स) परीक्षा-2023 व यूपी सिपाही पुलिस भर्ती परीक्षा-2023 का प्रश्नपत्र लीक कराने वाले गैंग के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

UP- India TV Hindi
गिरफ्तार गिरोह के सदस्य Image Source : INDIA TV

उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ ने RO/ARO पेपर लीक करने वाले गिरोह के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। STF ने बताया कि गिरोह के दो सदस्य जिनके नाम संजय सिंह कुशवाहा और कामेश्वर नाथ मौर्य हैं, इन्हें गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि 11 फरवरी 2024 को RO/ARO की होने वाली परीक्षा का पेपर लीक हो गया था, इसे लीक कराने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।

मुखबिर की सूचना पर की गई गिरफ्तारी

STF ने बताया कि 11 फरवरी 2024 को आयोजित RO/ARO (प्रीलिम्स) परीक्षा-2023 व यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 का पेपर लीक कराने वाले गैंग के 2 प्रमुख सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। अरेस्ट हुए आरोपियों के पास से एक स्कॉर्पियो, मोबाइल फोन समेत 3500 रुपये की नकदी बरामद की गई है। दोनों आरोपी प्रयागराज के रहने वाले हैं। 5 सितंबर को मुखबिर ने सूचना दी कि पेपर लीक कराने वाले गैंग के सक्रिय सदस्य कामेश्वर नाथ मौर्या व संजय सिंह कुशवाहा घोष स्वीट हाउस के पीछे सडक पर खड़ी काली रंग की स्कार्पियों में बैठे हुए हैं। इस सूचना पर एसटीएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर अभियुक्त कामेश्वर व संजय को गिरफ्तार कर लिया गया।

उम्मीदवारों से लिए थे 12-12 लाख रुपये

आरोपियों ने पूछताछ में बताया गया कि 11 फरवरी को आयोजित RO/ARO परीक्षा-2023 व कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 का पेपर लीक कराने वाले गैंग के मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल व रवि अत्री आदि प्रमुख है, जिनके अन्य सहयोगी व गैंग के सदस्य के रूप में हम लोग भी शामिल थे। RO/ARO परीक्षा के पेपर परीक्षा से पहले सम्बन्धित प्रिन्टिंग प्रेस में काम करने वाले अभियुक्त सुनील रघुवंशी ने परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर को बाहर निकलवाकर अभियुक्त विशाल दुबे, सुभाष प्रकाश के माध्यम से अभियुक्त राजीव नयन मिश्रा व अन्य अभियुक्तों तक पहुंचाया था।

आगे बताया कि राजीव नयन मिश्रा व अन्य अभियुक्तों द्वारा ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने के लालच में पेपर अपने गैंग के सदस्यों एवं एजेंटों के साथ-साथ हम लोगों को भी पेपर भेजकर पढ़वाया था। गैंग के सदस्यों के साथ-साथ हम लोगों ने भी प्रति अभ्यर्थी से 12-12 लाख रुपये तय किए थे और उम्मीदवारों से एडवांस के रूप में कुछ रुपये भी लिए गए थे जिसके कारण पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

रिसोर्ट मालिक को भी दिए थे 5 लाख

पूछताछ पर गिरफ्तार अभियुक्तों ने यह भी बताया कि हम लोगों द्वारा यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 के अभ्यर्थियों को मध्य प्रदेश के रीवा के शिव महाशक्ति रिसोर्ट में पेपर पढ़वाने के लिए अभ्यर्थियों को अपने स्कार्पियों और बस से ले गए थे। वहीं, हमने इसके लिए रिसोर्ट मालिक के खाते में 5 लाख रुपये भी भेजे थे। पेपर लीक कराने वाले गैंग के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत होने के बाद से ही हम लोग गिरफ्तारी से बचने के लिए इधर उधर छिप कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों पर प्रयागराज के थाना सिविल लाइन पर कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

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