नयी दिल्ली: लोकसभा चुनाव के लिये बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों की घोषणा जल्द ही हो सकती है और इस बारे में छह-सात सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर विचार विमर्श चल रहा है। भाजपा, जदयू और लोजपा समेत राजग के घटक दलों में आमतौर पर सहमति बन गई है हालांकि छह-सात सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर चर्चा जारी है। इन सीटों में वाल्मीकि नगर, महाराजगंज, दरभंगा, पटना साहिब, झंझारपुर, पाटलीपुत्र और बेगूसराय शामिल हैं।
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भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने इस बारे में पूछे जाने पर बताया कि सीटों को लेकर आमतौर पर सहमति है और जल्द ही उम्मीदवारों के नाम को अंतिम रूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में भाजपा, जदयू और लोजपा ने संयुक्त बिहार की 54 में से 40 सीटें, 2009 में भाजपा और जदयू ने 40 में से 32 सीटें तथा 2014 में भाजपा, लोजपा समेत राजग ने 31 सीटें लोकसभा सीटें जीती थीं। अब राजग में एक और इंजन नीतीश कुमार का नाम जुड़ चुका है। अबकी बार सभी 40 सीटें जीतकर नरेंद्र मोदी को फिर प्रधानमंत्री बनाएंगे।
जिन छह-सात सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर चर्चा जारी है, उनमें से अधिकांश सीटें अभी भाजपा के पास है और इनमें से कुछ सीटें जदयू और लोजपा को दी जा सकती हैं। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) और राज्यसभा सदस्य राम चंद्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि बिहार राजग के तीनों घटक दल लोकसभा चुनाव में किन-किन सीटों पर लड़ेंगे, इसपर चर्चा हो रही है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।
इस सीटों में बेगूसराय से सांसद रहे भोला सिंह का निधन हो गया है जबकि दरभंगा से सांसद कीर्ति आजाद अब कांग्रेस में शामिल हो गए हैं जबकि पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को पार्टी से नाराज बताया जा रहा है। वाल्मीकि नगर सीट पर 2014 तक जदयू का कब्जा था। महाराजगंज में जदयू पूर्व में जीत दर्ज कर चुकी है। झंझारपुर जदयू की पुरानी सीट है। इस पर 2014 में भाजपा को पहली बार जीत हासिल हुई थी।
बिहार की राजधानी में लोकसभा की दो सीटें पाटलीपुत्र और पटना साहिब हैं। पाटलीपुत्र सीट पर 2009 में जदयू के डा. रंजन प्रसाद यादव जीते थे जबकि पटना साहिब सीट का शत्रुघ्न सिन्हा प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। पटना साहिब भाजपा की परंपरागत सीट है। पाटलीपुत्र के सांसद रामकृपाल यादव केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हैं।
इसके अलावा आरा और काराकाट सीट को लेकर भी विचार विमर्श चल रहा है। नवादा सीट को लेकर वहां के मौजूदा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह कह चुके हैं कि वह नवादा छोड़ कहीं और से चुनाव नहीं लड़ेंगे।