नई दिल्ली: अभिनेता बोमन ईरानी अब तक के अपने फिल्मी करियर में खई बेहतरीन फिल्में दे चुके हैं। किसी भी फिल्म में उनका किरदार दर्शकों को हमेशा ही अपनी ओर आकर्षित करता है। वह हर फिल्म में अपनी अलग ही छाप छोड़ते हैं। भारतीय फिल्म उद्योग में पिछले 15 सालों से अपने अभिनय का लोहा मनवा रहे बोमन ईरानी का मानना है कि इस उद्योग में वह अब भी नए हैं। उनका कहना है कि सेट पर वह अभी भी जूनियर जैसा ही बर्ताव करते हैं। बोमन ने कहा, "इस उद्योग में, मैं सबसे युवा हूं। आप भले ही मुझे दादा कहे, लेकिन मैं उद्योग में अभी भी युवा ही हूं। मैंने जिन-जिन अभिनेताओं के साथ काम किया है, वे सभी मुझसे वरिष्ठ हैं। यहां कुछ ही हीरो ऐसे हैं, जो मेरे बाद के हैं।"
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उन्होंने कहा,"आप किसी भी हीरो का नाम ले लो, सभी मुझसे वरिष्ठ हैं। वे सभी मेरे इस उद्योग में आने से पहले से यहां काम कर रहे हैं। आज मैं वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा और कुछ अन्य के बारे में बात कर सकता हूं.. हर कोई एक ऐसी पीढ़ी से आता है, जिसने मेरे यहां आने से पहले से काम कर रहा है। इसलिए मैं खुद को अभी भी नया मानता हूं और जूनियर जैसा बर्ताव करता हूं और इसे लेकर अच्छा महसूस होता है।"
बोमन पेशेवर रंगमंच के अभिनेता हैं। वह 40 से अधिक नाटकों में काम कर चुके हैं। उन्होंने 2001 की फिल्म 'एवरीबॉडी सेज आई एम फाइन!' के साथ बॉलीवुड में कदम रखा।
वह राजकुमार हिरानी की वर्ष 2003 की फिल्म 'मुन्नाभाई एम.बी.बी.एस' में जे.सी. अस्थाना की भूमिका निभाकर सुर्खियों में आए। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद उन्होंने 'बीइंग साइरस', 'लगे रहो मुन्ना भाई', 'खोसला का घोसला', 'डॉन-द चेस बिगिंस अगेन', '3 इडियट्स' और 'हैपी न्यू ईयर' जैसी फिल्मों में काम किया।