मुंबई, पाक कला आधारित टेलीविजन रियलिटी शो 'मास्टरशेफ इंडिया 4' की विजेता एनआरआई निकिता गांधी वह अपना खुद का एक पाक कला शिक्षण स्कूल शुरू करना चाहती हैं और अंत में अपना खुद का अपना रेस्तरां खोलना चाहती हैं।
निकिता अबू धाबी में रहती हैं। शुरुआत में हर युवक-युवती की तरह उनके मन में भी करियर को लेकर असमंजस की स्थिति थी। वह यह तय नहीं कर पा रही थी कि वह खाना बनाने के अपने जुनून को करियर के रूप में चुनें या किसी अन्य सुरक्षित करियर के बारे मे सोचे
'मास्टरशेफ इंडिया 4' का समापन रविवार को हो गया। इसमें निकिता (21) को भारत की शीर्ष शाकाहारी शेफ का खिताब दिया गया।
वह कहती हैं कि उनमें बचपन से ही कुकिंग को लेकर एक जुनून है। उन्होंने कहा, "जिस उम्र में जब अन्य बच्चे कार्टून देखा करते हैं, मैं उस उम्र में अपनी मां को रसोई में खाना बनाते देखा करती थी। मैंने आठ साल की उम्र में खुद खाना बनाना शुरू किया।"
निकिता हमेशा से एक पाक-कला शिक्षण स्कूल में पढ़ना और कुकिंग को करियर के रूप में चुनना चाहती थीं।
उन्होंने आईएएनएस को बताया, "लेकिन जब मैं कॉलेज आई तो मन में एक दुविधा थी कि 'मुझे नहीं पता कि मैं एक पाक कला शिक्षण स्कूल में जाना चाहती हूं या मैं बिजनेस की पढ़ाई करना चाहती हूं।' इन सारी दुविधा के बाद मैंने एक सुरक्षित विकल्प चुना। यह विकल्प बिजनेस या वित्त की पढ़ाई थी।"
'मास्टरशेफ इंडिया 4' की विजेता के रूप में निकिता ने एक करोड़ रुपये जीते। उन्होंने कहा, "मैंने सोचा कि यह मेरे करियर को झटपट बदलने का सर्वश्रेष्ठ मंच है।"
निकिता का कहना है कि वह विजेता के रूप में मिली धनराशि का इस्तेमाल एक पाक कला शिक्षण स्कूल में दाखिला लेने के लिए अपनी फीस के रूप में करेंगी।
वह भविष्य में एक रेस्तरां खोलना चाहती हैं, लेकिन इससे पहले पाक कला शिक्षण स्कूल में दाखिल लेकर इस क्षेत्र में अपनी नींव को थोड़ा और मजबूत करना चाहती हैं।
निकिता ने कहा, "मैं भविष्य में यकीनन एक रेस्तरां खोलना चाहूंगी, लेकिन मुझे लगता है कि मुझे अभी बहुत कुछ सीखना है। मैंने 'मास्टरशेफ' में बहुत कुछ सीखा, लेकिन मेरा मानना है कि सीखना कभी खत्म नहीं होता।"