
ASDF
इन हाथों ने सिर्फ हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले। अगर इस चौखट पर बारात आई तो डोली की जगह उनकी अर्थियां उठेंगी और सबसे पहले अर्थी उसकी उठेगी जिसके सर पर सेहरा होगा। लाशें बिछा दूंगा, लाशें! (करण, जीत)

इन हाथों ने सिर्फ हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले। अगर इस चौखट पर बारात आई तो डोली की जगह उनकी अर्थियां उठेंगी और सबसे पहले अर्थी उसकी उठेगी जिसके सर पर सेहरा होगा। लाशें बिछा दूंगा, लाशें! (करण, जीत)