नई दिल्ली: अपने विषय को लेकर काफी दिनों से विवादों में चल रही फिल्म 'उड़ता पंजाब' के लिए सोमवार को बांबे हाईकोर्ट का फैसला बड़ी राहत लेकर आया। कोर्ट के ताजा फैसले के मुताबिक अब फिल्म में सिर्फ एक कट ही होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को फिल्म को 48 घंटों के भीतर 'ए' सेर्टीफिकेट देने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं है कि फिल्मों पर बैन और अड़चने पहली बार आई हैं, फिल्में पहले भी बैन हुई हैं यहां तक कि अभिनेत्रियां भी। आज हम आपको एक ऐसी ही हीरोइन के बारे में बताने जा रहे हैं जिन पर फिल्म इंडस्ट्री ने बैन ही लगा दिया था। जी हां हम बात कर रहे हैं निकिता ठकराल की जिन्हें 2016 में आई फिल्म ट्रैफिक में देखा गया था। निकिता ठकराल को आप सभी ने ज्यादातर तमिल, तेलुगु की फिल्मों में देखा होगा। आपको बता दें कि निकिता साउथ की सबसे प्रसिद्ध हिरोइन हैं।
निकिता का जन्म एक पंजाबी परिवार में हुआ था। वो मुंबई की रहने वाली हैं। निकिता ने साल 2002 में साउथ की फिल्मों से अपने करियर की शुरूआत की थी। निकिता अब तक बहुत सी फिल्में कर चुकी हैं। ऐसा माना जाता है कि फिल्म प्रोड्यूसर डी रामा नायडू ने उन्हें एक होटल में देखते ही अपनी फिल्म में ले लिया था। यह फिल्म तो फ्लॉप रही लेकिन इस फिल्म के कारण उन्हें कईं फिल्में मिली।







रिपोर्ट की माने तो, निकिता पर साल 2011 में एक कन्नड़ एक्टर टी दर्शन के साथ अवैध संबंधों का आरोप लगा था। टी दर्शन शादीशुदा थे, उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी ने यह आरोप लगाया था। उनकी पत्नी का कहना था कि निकिता के साथ संबंधों के चलते वह उनसे मारपीट करते थे। विजयलक्ष्मी ने टी दर्शन के खिलाफ हिंसा का आरोप भी लगाया था। जिसके बाद दर्शन को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन बाद में विजयलक्ष्मी ने अपनी शिकायत वापस ले ली, और दर्शन को रिहा कर दिया गया।
अवैध संबंधों के आरोपों के चलते कन्नड़ फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने उन्हें 10 सितंबर 2011 से तीन साल के लिए इंडस्ट्री से बैन कर दिया था। जब निकिता पर बैन लगा तो लोगों ने इसका विरोध किया। जिसके लिए पुलिस को लोगों को हटाना पड़ा। लोगों का कहना था कि प्रेम संबंध किसी का निजी मसला होता है इस कारण किसी पर बैन लगाना गलत है। जिसके बाद एसोसिएशन ने उनपर से इस बैन को हटा दिया था।