‘हिंदू बड़ी ही डरपोक कौम है…’ फिल्म 'धुरंधर' का यह डायलॉग रिलीज़ होते ही चर्चा का केंद्र बन गया है। इस एक लाइन ने जहां कुछ दर्शकों के बीच तीखी प्रतिक्रिया पैदा की, वहीं फिल्म में आतंकवादी के किरदार में नजर आए एक्टर विवेक सिन्हा की परफॉर्मेंस की जमकर सराहना भी हो रही है। हालांकि, इस विवादित डायलॉग की वजह से विवेक को सोशल मीडिया पर आलोचना और धमकियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
किस डायलॉग से मचा बवाल ?
आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में विवेक सिन्हा ने आतंकवादी ‘जहूर मिस्त्री’ का किरदार निभाया है, जो कहानी में भारतीय विमान को हाईजैक करता है। फिल्म में उनके कई डायलॉग चर्चा में हैं, लेकिन खासतौर पर हिंदुओं को लेकर कही गई एक पंक्ति ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस पर कुछ दर्शकों ने कड़ी आपत्ति जताई है और सोशल मीडिया पर उन्हें खरी-खोटी सुनाई है। यहां तक कि कुछ लोगों ने उन्हें पाकिस्तानी तक समझ लिया।
विवेक को मिल रही नफरत
हाल ही में एक इंडिया टीवी शोबिज में विवेक ने खुलासा किया कि उन्हें किस तरह के संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई लोग उन्हें यह कहकर ट्रोल कर रहे हैं कि “हिंदू होकर ऐसी बातें कैसे कह सकते हो?” वहीं कुछ लोग यह भी आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने चंद पैसों के लिए ऐसा किरदार स्वीकार किया। हालांकि, विवेक इन प्रतिक्रियाओं को अलग नजरिए से देखते हैं। उनका मानना है कि यह लोगों की भावनाओं और देशभक्ति का ही एक रूप है।
विवेक ने अपने किरदार को लेकर यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवादी की मानसिकता को दर्शाने के लिए ऐसे किरदार निभाना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि असलियत दिखाने के लिए किसी वास्तविक आतंकवादी से संपर्क करना संभव नहीं है, इसलिए कलाकारों को ही यह जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, ताकि दर्शक उस सोच को समझ सकें।
इस वजह से किया आतंकवादी का किरदार
निगेटिव किरदारों के प्रति अपने झुकाव के बारे में बात करते हुए विवेक ने बताया कि उन्हें ऐसे रोल करना पसंद है। उन्होंने स्क्रिप्ट और डायलॉग्स पढ़ने के बाद ही इस फिल्म को करने का फैसला लिया था।
'धुरंधर' के सेट पर कैसा था माहौल ?
विवेक ने फिल्म के सेट के माहौल के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि सेट पर काफी एनर्जी रहती थी, और रणवीर सिंह की ऊर्जा पूरे सेट को जीवंत बनाए रखती थी।
कुल मिलाकर, धुरंधर का यह किरदार विवेक सिन्हा के लिए चुनौती भरा था, लेकिन उनके लिए यह अनुभव बहुत खास भी रहा।