80 के दशक में ही 'धुरंधर' स्टार राकेश बेदी टीवी इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन गए थे। एक ओर जहां वो फिल्मों में साइड रोल निभा रहे थे तो वहीं टीवी पर उन्हें लीड किरदार मिलते थे। 90 के दशक में उन्होंने कई कल्ट क्लालिक दूरदर्शन के शो किए, जिन्होंने उनको घर-घर में लोकप्रिय नाम बना दिया। 'धुरंधर' की सफलता से 31 साल पहले एक ऐसा शो आया, जिसने राकेश कॉमेडी का सरताज बना दिया। इस शो की पॉपुलेरिटी 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' और 'भाबी जी घर पर हैं' से भी ज्यादा थी। IMDb पर 8.7 की रेटिंग वाला 143 एपिसोज का ये शो 'श्रीमान श्रीमती' है, जिसने 1994 में धमाल मचा दिया था। उस दौर में टीवी ही मनोरंजन का जरिया था और इस शो की तगड़ी लोकप्रियता थी। इस शो ने राकेश बेदी को लोगों के बीच दिलरुबा बना दिया था।
अनोखी और मजेदार प्रेम-कहानी
'श्रीमान श्रीमती' की कहानी बेहद सरल लेकिन दिलचस्प थी। यह शो दो पड़ोसी परिवारों के इर्द-गिर्द घूमता था। एक तरफ केशव कुलकर्णी (जतिन कनकिया) और उनकी पत्नी कोकिला (रीमा लागू) थे, तो दूसरी तरफ उनके पड़ोसी प्रेमा शालिनी (अर्चना पूरन सिंह) और उनके पति दिलरुबा (राकेश बेदी)। कहानी में मुख्य आकर्षण तब आता है जब केशव अपनी पड़ोसन प्रेमा की ओर आकर्षित होते हैं, जबकि दिलरुबा का दिल केशव की पत्नी कोकिला के लिए धड़कने लगता है। दोनों पतियों द्वारा अपनी-अपनी पड़ोसन को रिझाने की मासूम कोशिशों से जो गलतफहमियां और हास्यास्पद स्थितियां पैदा होती थीं, वे दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देती थीं।
दिग्गज कलाकारों का जादू
इस शो की अपार सफलता का श्रेय इसकी शानदार स्टार कास्ट को जाता है। जतिन कनकिया की लाजवाब कॉमिक टाइमिंग और रीमा लागू द्वारा निभाया गया एक सीधी-सादी, घरेलू पत्नी का किरदार दर्शकों को बेहद पसंद आया। वहीं, अर्चना पूरन सिंह ने एक ग्लैमरस और आत्मविश्वास से भरी अभिनेत्री 'प्रेमा शालिनी' के रूप में शो में चार चाँद लगा दिए। राकेश बेदी ने अपने अनूठे अंदाज और बेहतरीन डायलॉग डिलीवरी से 'दिलरुबा' के किरदार को अमर बना दिया। इन चारों कलाकारों की आपसी केमिस्ट्री ही इस शो की जान थी।
साफ-सुथरी और पारिवारिक कॉमेडी
इस शो की सबसे बड़ी खूबी इसका 'क्लीन ह्यूमर' था। इसमें कहीं भी फूहड़पन या द्विअर्थी संवादों का सहारा नहीं लिया गया, जिसके कारण इसे बच्चे, बूढ़े और जवान, सभी साथ बैठकर देख सकते थे। शो के सिचुएशनल ह्यूमर और मजेदार डायलॉग्स आज भी उतने ही ताज़ा लगते हैं। लगभग तीन साल तक चले इस शो के कुल 143 एपिसोड्स प्रसारित हुए। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि IMDb पर इसे 8.6 की शानदार रेटिंग मिली है।
विरासत और प्रेरणा
'श्रीमान श्रीमती' का प्रभाव आज के दौर के शोज पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। टीवी का बेहद लोकप्रिय शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ भी इसी कॉन्सेप्ट से प्रेरित माना जाता है। मूल शो की सफलता को देखते हुए 2005 में इसका सीक्वल 'आज के श्रीमान श्रीमती' और 2018 में इसका रीबूट 'श्रीमान श्रीमती फिर से' भी बनाया गया। साल 2020 में लॉकडाउन के दौरान इसे दोबारा प्रसारित किया गया, जिसे नई पीढ़ी के दर्शकों ने भी भरपूर प्यार दिया। यह शो वाकई भारतीय टीवी कॉमेडी का एक सुनहरा अध्याय है।
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