डी कंपनी का सरदार और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खिलाफ पहले नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर कई इनाम घोषित हैं। दाऊद इब्राहिम जिसकी कभी अपराध की दुनिया में धाक थी, उसकी मौत की अफवाह कई बार उड़ चुकी है। सोमवार को एक बार फिर उसके अस्पताल में भर्ती होने और गंभीर रूप से बीमार होने की खबर आग की तरह फैल गई। दावा किया जा रहा है कि उसे जहर दिया गया है जिससे उसकी तबियत बिगड़ गई है। हालांकि उसे क्या हुआ है इसकी अबतक पुष्टि नहीं हुई है। आतंक का साम्राज्य चलाने वाला दाऊद आज पाकिस्तान के करांची शहर के अस्पताल में बिस्तर पर पड़ा है। कैसे एक हवलदार का मासूम बेटा दाऊद आतंक का सरगना बना? उसकी जिंदगी के सफर के कुछ किस्से जानते हैं-
साल 1955 में दाऊद इब्राहिम महाराष्ट्र के रत्नागिरी में पैदा हुआ था और उसका पूरा नाम शेख दाऊद इब्राहिम कासकर है। उसके पिता शेख इब्राहिम अली कासकर मुंबई पुलिस में हवलदार थे। दाऊद बचपन से ही शाही जिंदगी जीना चाहता था जिसके लिए वह चोरी, डकैती और उसके बाद फिर तस्करी करने लगा था। उसकी हरकतें देखकर पिता ने पहले उसे समझाया लेकिन जब उसने जुर्म का रास्ता नहीं छोड़ा तो पिता ने दाऊद को घर से निकाल दिया था, जिसके बाद वह करीम लाला के गैंग में शामिल हो गया था। साल 1980, उस वक्त मुंबई में करीम लाला और हाजी मस्तान के गैंग का राज था, लेकिन दाऊद ने इन दोनों गैंगस्टर्स को पीछे छोड़ दिया और जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया।
दाऊद इब्राहिम के पित को थाने में वफादार पुलिसवाला कहा जाता था और हर जगह उनकी नेकी के किस्से भी सुनाए जाते थे। एक बार उन्हें अपने ही बेटे का केस छानबीन के लिए दिया गया था। उन्होंने हर तरह से छानबीन शुरू की और दाऊद के बारे में पता लगते ही उन्होंने अपने दो साथियों के साथ जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया था। इस तरह से पिता ने ही उसे पहली बार हथकड़ी पहनाई थी। यह मामला पुधोनी पुलिस स्टेशन में आज भी दर्ज है। इतना ही नहीं उसके पिता ने उसके बाद बेल्ट से दाऊद की खूब पिटाई भी की थी।
वरिष्ठ पत्रकार एस. हुसैन जैदी ने अपनी किताब 'डोंगरी से दुबई' में दाऊद इब्राहिम की प्रेम कहानी का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि मुंबई के मुसाफिर खाना में दाऊद की दुकान थी जहां सुजाता नाम की पंजाबी लड़की रहती थी जिससे दाऊद प्यार करता था। जब लड़की के घरवालों को इसकी खबर मिली तो बवाल मच गया था। एक तो दाऊद मुसलमान था और दूसरे उसकी गिनती मोहल्ले के बदमाश लड़कों में होती थी। दाऊद से छुटकारा पाने के लिए सुजाता के परिवारवालों ने उसकी सगाई किसी और से करा दी। दाऊद को यह पता चला तो वह चाकू लेकर उसके घर पहुंच गया। खूब हंगामा हुआ. लेकिन सुजाता ने परिवार के फैसले के साथ जाना बेहतर समझा और ब्याह दी गई।
साल 2011 में फोर्ब्स मैगजीन ने दुनिया के टॉप-10 अपराधियों की लिस्ट जारी की, जिसमें दाऊद इब्राहिम को दुनिया के मोस्ट वांटेड अपराधी माना है। उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की गई लेकिन वह पकड़ा नहीं गया। कहा जाता है कि वो पाकिस्तान में रह रहा है। 12 मार्च 1993 को मुंबई बम धमाके हुए थे जिसमें 257 लोगों की मौत हो गई और 700 लोग घायल हो गए थे। इन धमाकों के पीछे गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का हाथ बताया गया था। बता दें कि मुंबई में हुए हमले के पहले से ही दाऊद इब्राहिम दुबई में रहने लगा था और वहीं से मुंबई पर राज कर रहा था। कहा जाता है कि मुंबई हमले के बाद दाऊद पाकिस्तान चला गया था और वहीं से अपना नेटवर्क चलाता था।
दाऊद के पिता शेख इब्राहिम अली कासकर मुंबई पुलिस में हवलदार थे तो वहीं मां अमीना बी एक घरेलू महिला थीं। दाऊद के कुल सात भाई और चार बहनें हैं और 13 लोगों का उसका परिवार था। दाऊद के भाई सबीर इब्राहिम कासकर की 1983-84 में गैंगवॉर में मौत हो गई थी।
दाऊद का एक अन्य भाई नूरा इब्राहिम कासकर की भी मौत पाकिस्तान में हो चुकी है।
दाऊद का भाई इकबाल कासकर ठाणे जेल में बंद है। उसका बेटा रिजवान मुबई के आर्थर रोड जेल में बंद है।
दाऊद की चार बहनें हैं। फरजाना, तुंगेकर, हसीना पारकर (दोनों की मौत हो चुकी है), मुमताज शेख और सईदा पारकर। दाऊद के दुबई भागने के बाद उसका कारोबार बहनोई इब्राहिम पारकर संभालने लगा था। लेकिन अरुण गवली गैंग के गुर्गों ने उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद हसीना पारकर ने इस कारोबार को संभाला था। उसका दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।
दाऊद ने दो शादियां कर रखी हैं। उसकी पहली शादी महजबीन से हुई है। इस शादी से दाऊद के तीन बच्चे हैं जिसमें दो बेटियां और एक बेटा है। दाऊद की सबसे बड़ी बेटी महरुख की शादी 2006 में पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद के बेटे से हुई है। दाऊद की दूसरी पत्नी पाकिस्तानी पठान है। लेकिन उसके बारे में किसी को ज्यादा जानकारी नहीं है।
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