Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर हो रहा है, जिसमें एक शख्स को बिजली के खंभे से बांधकर लोगों द्वारा बेरहमी से पीटा जा रहा है। वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि भाजपा सरकार में गुंडाराज हद से ज्यादा बढ़ चुका है। साथ ही वे तंज कसते हुए लिख रहे हैं कि जिसे भाजपा अमृतकाल का रामराज्य बताती है, वहां अपराधियों के अंदर से डर और भय पूरी तरह समाप्त हो गया है। कुछ यूजर्स ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की भी मांग की है। हालांकि, फैक्ट चेक में वायरल दावा भ्रामक साबित हुआ है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि बिहार के किशनगंज का है, जहां चोरी के आरोप में लोगों ने एक लड़के की पिटाई की थी।
क्या है दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने 25 अगस्त 2025 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “बड़े ही शर्म की बात है पर योगी जी को शर्म नहीं आती है भाजपा सरकार में गुंडाराज हद से ज्यादा बढ़ चुका है बीजेपी इसे अमृतकाल रामराज्य बताती है अपराधियों के अंदर से डर भय समाप्त हो गया है।” मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। वहीं, एक अन्य यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, जंगल राज है उत्तर प्रदेश में।
पड़ताल
वायरल वीडियो के एक की-फ्रेम को हमने गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद से जांचा। जांच में पता चला कि यह वीडियो पब्लिक न्यूज ऐप पर मिला, जहां इसे 23 अगस्त 2025 को पोस्ट किया गया था। पब्लिक न्यूज़ ऐप की रिपोर्ट के अनुसार, बहादुरगंज थाना क्षेत्र में एक 18 वर्षीय युवक को दुकानदार ने चोरी के आरोप में तालिबानी सज़ा दी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक सागर कुमार ने शनिवार शाम लगभग 4 बजे जानकारी दी कि मोज्जम और इजहार समेत कुल दस अन्य लोगों के खिलाफ बहादुरगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पड़ताल के अंत में हमें दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर 23-8-2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। यहां पर वायरल विजुअल मौजूद था। पोस्ट का लिंक और नीचे देखें स्क्रीनशॉट। दैनिक भास्कर ने भी समान दावे के साथ रिपोर्ट प्रकाशित की है।
Fact Check में क्या निकला?
पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि बिहार के किशनगंज का है, जहां चोरी के आरोप में लोगों ने एक लड़के की पिटाई की थी। फैक्ट की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। लोगों की ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। (इनपुट: भाषा)
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