Published : Jun 29, 2026 07:00 pm IST, Updated : Jun 29, 2026 07:00 pm IST
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दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली EV पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। यह नई नीति 1 जुलाई से लागू होने की तैयारी में है और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। इस पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट, खरीद पर सब्सिडी, पुराने वाहन स्क्रैप करने पर इंसेंटिव और चार्जिंग नेटवर्क जैसी कई बड़ी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का दावा है कि अगले चार वर्षों में इस योजना के जरिए करीब ₹15,000 करोड़ का लाभ लोगों को मिलेगा।
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नई पॉलिसी के तहत ₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली प्योर इलेक्ट्रिक कारों पर 100 फीसदी रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ रहेगी। इससे नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों की लागत काफी कम हो जाएगी। हालांकि, हाइब्रिड वाहनों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
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सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के लिए भी आकर्षक सब्सिडी का ऐलान किया है। पहले साल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर ₹30,000 की सब्सिडी मिलेगी। दूसरे साल यह राशि ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 होगी। ई-ऑटो और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदने वालों को पहले साल ₹50,000, दूसरे साल ₹40,000 और तीसरे साल ₹30,000 तक की सहायता मिलेगी। एन1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने पर ₹1 लाख तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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नई नीति में पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने पर भी जोर दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति BS-IV या उससे पुराने चार पहिया वाहन को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो उसे ₹1 लाख का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा। इससे पुराने वाहनों की संख्या घटेगी और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
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इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग सुविधा मानी जाती है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार पूरे शहर में करीब 30,000 EV चार्जिंग पॉइंट स्थापित करेगी। इसके अलावा एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया जाएगा, जहां लोग सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहनों के लिए आसानी से आवेदन कर सकेंगे।
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नई पॉलिसी के तहत मार्च 2030 तक दिल्ली के 30 फीसदी स्कूल बस बेड़े को इलेक्ट्रिक बनाया जाएगा। वहीं, 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और CNG दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बंद कर केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
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दिल्ली में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं माना जाता है। सरकार का कहना है कि नई EV पॉलिसी का मकसद लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करना, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना और राजधानी को धीरे-धीरे जीरो-एमिशन ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर ले जाना है।