1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. मनोरंजन
  4. न गोरा रंग, न गठीली बॉडी, फिर भी बॉलीवुड का टॉप हीरो बना बैंक का क्लर्क, आज मना रहे जन्मदिन

न गोरा रंग, न गठीली बॉडी, फिर भी बॉलीवुड का टॉप हीरो बना बैंक का क्लर्क, आज मना रहे जन्मदिन

Written By: Shyamoo Pathak
Published : Nov 24, 2024 07:54 am IST,  Updated : Nov 24, 2024 07:54 am IST
अमोल एक साधारण परिवार में जन्मे थे। अमोल के पिता पोस्ट ऑफिस में काम करते और मां एक प्राइवेट कंपनी में। अमोल ने अपनी स्कूल की पढ़ाई बाल मोहन विद्या मंदिर से पूरी की। स्कूल खत्म होने के साथ ही अमोल की कला की तरफ दिलचस्पी बढ़ने लगी थी। अमोल ने सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स कॉलेज मुंबई से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद कई तरह की नौकरियां करते रहे। नौकरियों के बदलाव के सिलसिले के दौरान अमोल पालेकर को बैंक ऑफ इंडिया में बतौर क्लर्क काम करने का मौका मिला। अमोल पालेकर दिनभर बैंक में काम करते और रात में घर आकर पेंटिंग बनाते। नौकरी के साथ पेंटिंग का काम अच्छा चलता और दिन-रातें अच्छी कटने लगीं।
1/6 Image Source : Instagram
अमोल एक साधारण परिवार में जन्मे थे। अमोल के पिता पोस्ट ऑफिस में काम करते और मां एक प्राइवेट कंपनी में। अमोल ने अपनी स्कूल की पढ़ाई बाल मोहन विद्या मंदिर से पूरी की। स्कूल खत्म होने के साथ ही अमोल की कला की तरफ दिलचस्पी बढ़ने लगी थी। अमोल ने सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स कॉलेज मुंबई से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद कई तरह की नौकरियां करते रहे। नौकरियों के बदलाव के सिलसिले के दौरान अमोल पालेकर को बैंक ऑफ इंडिया में बतौर क्लर्क काम करने का मौका मिला। अमोल पालेकर दिनभर बैंक में काम करते और रात में घर आकर पेंटिंग बनाते। नौकरी के साथ पेंटिंग का काम अच्छा चलता और दिन-रातें अच्छी कटने लगीं।
साल 1967 में अमोल ने पहली बार अपनी पेंटिंग्स की प्रदर्शनी लगाने का फैसला लिया। मुंबई के ताज आर्ट गैलरी में इसका आयोजन किया गया। जहां अमोल ने अपनी पेंटिंग्स दुनिया के सामने रखीं। इसी दौरान अमोल को थियेटर में नाटक करने का मौका मिला और उन्होंने लपक लिया। अमोल अब थियेटर में एक्टिंग के गुण सीखने लगे। इसी दौरान साल 1970 में मराठी फिल्मों के डायरेक्टर राजा ठाकुर से अमोल की मुलाकात हुई। दोनों एक फिल्म शुरू की जिसका नाम था 'बाजीरोचा बेटा'। ये एक मराठी भाषा की फिल्म थी, लेकिन अमोल पालेकर के टैलेंट को दिखाने के लिए काफी थी। इस फिल्म के 3 साल बाद अमोल पालेकर को बॉलीवुड फिल्म 'रजनीगंधा' मिली। इस फिल्म को वासु चटर्जी ने डायरेक्ट किया था। पहली ही फिल्म से अमोल पालेकर ने बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा दिया। बिना गठीले बदल और गोरे रंग के भी अमोल पालेकर अपनी डायलॉग डिलेवरी और दमदार एक्टिंग के लिए पहचाने जाने लगे।
2/6 Image Source : Instagram
साल 1967 में अमोल ने पहली बार अपनी पेंटिंग्स की प्रदर्शनी लगाने का फैसला लिया। मुंबई के ताज आर्ट गैलरी में इसका आयोजन किया गया। जहां अमोल ने अपनी पेंटिंग्स दुनिया के सामने रखीं। इसी दौरान अमोल को थियेटर में नाटक करने का मौका मिला और उन्होंने लपक लिया। अमोल अब थियेटर में एक्टिंग के गुण सीखने लगे। इसी दौरान साल 1970 में मराठी फिल्मों के डायरेक्टर राजा ठाकुर से अमोल की मुलाकात हुई। दोनों एक फिल्म शुरू की जिसका नाम था 'बाजीरोचा बेटा'। ये एक मराठी भाषा की फिल्म थी, लेकिन अमोल पालेकर के टैलेंट को दिखाने के लिए काफी थी। इस फिल्म के 3 साल बाद अमोल पालेकर को बॉलीवुड फिल्म 'रजनीगंधा' मिली। इस फिल्म को वासु चटर्जी ने डायरेक्ट किया था। पहली ही फिल्म से अमोल पालेकर ने बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा दिया। बिना गठीले बदल और गोरे रंग के भी अमोल पालेकर अपनी डायलॉग डिलेवरी और दमदार एक्टिंग के लिए पहचाने जाने लगे।
अमोल पालेकर की स्टार बनने की यात्रा यहीं से शुरू हुई थी। इसके बाद 1976 में आई फिल्म 'छोटी सी बात' ने भी बॉक्स ऑफिस पर खूब गदर काटा। इसी साल एक म्यूजिकल ड्रामा 'चितचोर' भी लोगों को खूब पसंद आई। डायरेक्टर वासु चटर्जी के साथ लगातार तीसरी हिट देने के बाद अमोल पालेकर बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स में गिने जाने लगे और स्टार बन गए। अमोल पालेकर ने 1977 में 'घरोंदा' नाम की शानदार फिल्म भी की। इसके अलावा इसी दौर में अमोल पालेकर ने 'घरोंदा' (1977) और 'भूमिका' (1977) जैसी फिल्मों में शानदार काम किया।
3/6 Image Source : Instagram
अमोल पालेकर की स्टार बनने की यात्रा यहीं से शुरू हुई थी। इसके बाद 1976 में आई फिल्म 'छोटी सी बात' ने भी बॉक्स ऑफिस पर खूब गदर काटा। इसी साल एक म्यूजिकल ड्रामा 'चितचोर' भी लोगों को खूब पसंद आई। डायरेक्टर वासु चटर्जी के साथ लगातार तीसरी हिट देने के बाद अमोल पालेकर बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स में गिने जाने लगे और स्टार बन गए। अमोल पालेकर ने 1977 में 'घरोंदा' नाम की शानदार फिल्म भी की। इसके अलावा इसी दौर में अमोल पालेकर ने 'घरोंदा' (1977) और 'भूमिका' (1977) जैसी फिल्मों में शानदार काम किया।
अमोल पालेकर को साल 1979 में आई फिल्म ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'गोलमाल' के लिए आज तक नहीं भुलाया जा सका। इस फिल्म में अमोल पालेकर ने अपनी कॉमिक टाइमिंग से सभी का दिल जीत लिया था। यही कारण है कि ये फिल्म 45 साल बाद भी लोगों के दिलों पर राज करती है।
4/6 Image Source : Instagram
अमोल पालेकर को साल 1979 में आई फिल्म ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'गोलमाल' के लिए आज तक नहीं भुलाया जा सका। इस फिल्म में अमोल पालेकर ने अपनी कॉमिक टाइमिंग से सभी का दिल जीत लिया था। यही कारण है कि ये फिल्म 45 साल बाद भी लोगों के दिलों पर राज करती है।
अमोल पालेकर ने अपने करियर में 60 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। इनमें कई बेहतरीन फिल्में शामिल हैं जिन्होंने समय के फेर को भी बदल दिया है। अमोल पालेकर एक बेहतरीन एक्टर के साथ शानदार डायरेक्टर भी हैं और फिल्में-सीरियल बना चुके हैं।
5/6 Image Source : Instagram
अमोल पालेकर ने अपने करियर में 60 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। इनमें कई बेहतरीन फिल्में शामिल हैं जिन्होंने समय के फेर को भी बदल दिया है। अमोल पालेकर एक बेहतरीन एक्टर के साथ शानदार डायरेक्टर भी हैं और फिल्में-सीरियल बना चुके हैं।
अमोल पालेकर ने कई फिल्मों और टीवी शो की कहानी-स्क्रीनप्ले भी लिखा है। आज अमोल पालेकर 80 साल के हो गए हैं। अमोल पालेकर के जन्मदिन पर उनके फैन्स ने सोशल मीडिया पर बधाई दी है। साथ ही उनकी पुरानी फिल्मों की यादों को भी शेयर किया है।
6/6 Image Source : Instagram
अमोल पालेकर ने कई फिल्मों और टीवी शो की कहानी-स्क्रीनप्ले भी लिखा है। आज अमोल पालेकर 80 साल के हो गए हैं। अमोल पालेकर के जन्मदिन पर उनके फैन्स ने सोशल मीडिया पर बधाई दी है। साथ ही उनकी पुरानी फिल्मों की यादों को भी शेयर किया है।
Advertisement