जैसे - जैसे आधुनिकता की और क्रिकेट खेल बढ़ता गया इसकी गति उतनी ही तेज होती चली गई। पांच दिन तक चलने वाले इस खेल में पहले वनडे फॉर्मेट आया और फिर सिर्फ तीन घंटे में नतीजा देने वाला टी20 क्रिकेट इस समय दुनिया का सबसे लोकप्रिय फॉर्मेट बन गया। इस तरह जैसे - जैसे क्रिकेट की गति बढती चली गई बल्लेबाजों को भी अपने खेलने के अंदाज में बदलाव लाना पड़ा और हर गेंद को मैदान से बाहर भेजने की कला रखने वाले बल्लेबाज वर्ल्ड क्रिकेट में छाने लगे। जबकि धीमे खेलने वाले बल्लेबाजों को फैंस भूलने लगे। इस कड़ी में हम आपको तीन ऐसे भारतीय बल्लेबाजों के बारे में बताएंगे जिन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे धीमी गति से शतक जड़ा।
सौरव गांगुली ने मार्च 1999 में 141 गेंद पर शतक जड़ा जो सबसे धीमा रहा। उन्होंने यह शतक श्रीलंका के खिलाफ नागपुर में लगाया था। हालांकि उनकी इस पारी से भारतीय टीम को फायदा हुआ। टीम को 80 रन से जीत मिली। मगर ये भारत की तरफ से सबसे धीमी शतकीय पारी थी।
सचिन तेंदुलकर को बतौर ओपनर आक्रामक खिलाड़ी के रूप में जाना जाता था लेकिन कुछ मौकों पर उन्होंने संयम से बल्लेबाजी की। इस दौरान उनके शतक धीमे आए। श्रीलंका के खिलाफ अक्टूबर 2000 में उन्होंने 138 गेंद पर शतक जड़ा जो सबसे धीमा रहा।
अजय जडेजा ने भी अपना धीमा शतक 138 गेंद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1999 के आईसीसी वर्ल्ड कप में लगाया था। लगातार गिरते जा रहे विकेटों के बीच जडेजा ने रोबिन सिंह के साथ मिलकर टीम को सँभालने की कोशिश की। हालांकि उनके प्रयास काम नहीं आए तथा भारतीय टीम को 77 रनों से पराजय का सामना करना पड़ा।