1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. टेक्नोलॉजी
  4. महंगे हो रहे चिप ने एप्पल की बढ़ाई टेंशन, टिम कुक ने सरकार से मांगी मदद

महंगे हो रहे चिप ने एप्पल की बढ़ाई टेंशन, टिम कुक ने सरकार से मांगी मदद

Published : Jun 29, 2026 07:21 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 07:21 pm IST
Apple ने हाल ही में अपने कई प्रोडक्ट्स की कीमत में इजाफा किया है। AI बूम के बाद चिप की शॉर्टेज ने एप्पल की भी टेंशन बढ़ा दी है। अमेरिकी टेक कंपनी को मजबूरन अपने प्रोडक्ट्स की कीमत में 1.7 लाख रुपये तक का इजाफा करना पड़ा है। इसी बीच एप्पल ने सरकार से खास मदद मांगी है, ताकि प्रोडक्ट्स की कीमत को कंट्रोल किया जा सके।
1/5 Image Source : AP
Apple ने हाल ही में अपने कई प्रोडक्ट्स की कीमत में इजाफा किया है। AI बूम के बाद चिप की शॉर्टेज ने एप्पल की भी टेंशन बढ़ा दी है। अमेरिकी टेक कंपनी को मजबूरन अपने प्रोडक्ट्स की कीमत में 1.7 लाख रुपये तक का इजाफा करना पड़ा है। इसी बीच एप्पल ने सरकार से खास मदद मांगी है, ताकि प्रोडक्ट्स की कीमत को कंट्रोल किया जा सके।
द फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल ने अमेरिका की मौजूदा ट्रंप सरकार से मेमोरी चिप्स की किल्लत को लेकर गुहार लगाई है। एप्पल ने सरकार से चीनी एआई चिप्स पर लगे बैन को कुछ समय के लिए हटाने की मांग की है, ताकि चीनी मेमोरी चिप को अमेरिका इंपोर्ट किया जा सके।
2/5 Image Source : apple
द फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल ने अमेरिका की मौजूदा ट्रंप सरकार से मेमोरी चिप्स की किल्लत को लेकर गुहार लगाई है। एप्पल ने सरकार से चीनी एआई चिप्स पर लगे बैन को कुछ समय के लिए हटाने की मांग की है, ताकि चीनी मेमोरी चिप को अमेरिका इंपोर्ट किया जा सके।
मेमोरी चिप्स की किल्लत को देखते हुए एप्पल CXMT नाम की चीनी कंपनी से चिप खरीदना चाहता है। इस कंपनी को अमेरिकी सरकार ने ब्लैकलिस्ट किया है, जिसकी वजह से एप्पल को महंगा मेमोरी चिप खरीदना पड़ रहा है। CXMT पर चीनी सेना से जुड़े होने का आरोप है, जिसकी वजह से पेंटागन ने इसे ब्लैकलिस्ट किया है।
3/5 Image Source : Apple
मेमोरी चिप्स की किल्लत को देखते हुए एप्पल CXMT नाम की चीनी कंपनी से चिप खरीदना चाहता है। इस कंपनी को अमेरिकी सरकार ने ब्लैकलिस्ट किया है, जिसकी वजह से एप्पल को महंगा मेमोरी चिप खरीदना पड़ रहा है। CXMT पर चीनी सेना से जुड़े होने का आरोप है, जिसकी वजह से पेंटागन ने इसे ब्लैकलिस्ट किया है।
अमेरिकी सरकार ने 1260H नाम की एक खास लिस्ट बनाई है, जिसमें कई चीनी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया है। हालांकि, इन कंपनियों के साथ एप्पल को डील करने में कोई सीधी पाबंदी नहीं है, लेकिन कड़े नियमों की वजह से इन कंपनियों से किसी भी तरह का व्यापार करने के लिए खास मंजूरी की जरूरत होगी।
4/5 Image Source : Apple
अमेरिकी सरकार ने 1260H नाम की एक खास लिस्ट बनाई है, जिसमें कई चीनी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया है। हालांकि, इन कंपनियों के साथ एप्पल को डील करने में कोई सीधी पाबंदी नहीं है, लेकिन कड़े नियमों की वजह से इन कंपनियों से किसी भी तरह का व्यापार करने के लिए खास मंजूरी की जरूरत होगी।
एप्पल का कहना है कि अगर उसे चीनी वेंडर्स से मेमोरी चिप मंगाने के लिए छूट मिलती है, तो बाजार में चल रही चिप शॉर्टेज से निपटा जा सकेगा। इसकी वजह से प्रोडक्ट की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी। कंपनी अपनी प्रॉफिट मार्जिन और प्रोडक्शन कैपेसिटी को इसकी वजह से मेनटेन नहीं कर पा रही हैं। मजबूरन कंपनियों को प्रोडक्ट की कीमत में इजाफा करना पड़ता है।
5/5 Image Source : Apple
एप्पल का कहना है कि अगर उसे चीनी वेंडर्स से मेमोरी चिप मंगाने के लिए छूट मिलती है, तो बाजार में चल रही चिप शॉर्टेज से निपटा जा सकेगा। इसकी वजह से प्रोडक्ट की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी। कंपनी अपनी प्रॉफिट मार्जिन और प्रोडक्शन कैपेसिटी को इसकी वजह से मेनटेन नहीं कर पा रही हैं। मजबूरन कंपनियों को प्रोडक्ट की कीमत में इजाफा करना पड़ता है।
Advertisement