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देव स्नान के बाद बीमार हुए भगवान जगन्नाथ, इतने दिनों तक मंदिर के कपाट रहेंगे बंद, जानें कब होंगे महप्रभु के दर्शन?

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Jun 29, 2026 07:06 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 07:08 pm IST

आज भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान सुदर्शन का 108 कलशों के सुगंधित और पवित्र जल से स्नान कराया गया। इस स्नान के बाद महाप्रभु बीमार हो गए हैं, जिसके बाद 15 दिनों तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।

भगवान जगन्नाथ- India TV Hindi
भगवान जगन्नाथ Image Source : PEXELS

महाप्रभु के भक्त पूरे साल बड़ी बेसब्री के साथ रथ यात्रा का इंतजार करते हैं। हर साल रथ यात्रा ओडिशा के पुरी में धूमधाम से मनाया जाता है। रथ यात्रा का उत्सव विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में आयोजित किया जाता है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर यह उत्सव मनाया जाता है। लेकिन इससे पहले ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन प्रभु जगन्नाथ को स्नान कराया जाता है, जिसे महास्नान या देव स्नान कहा जाता है। इस स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं। इस दौरान भक्तों के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। तो आइए जानते हैं कि जगन्नाथ मंदिर के कपाट अब कब खुलेंगे और भक्तगण किस दिन से महाप्रभु के दर्शन कर पाएंगे।

इतने दिनों तक मंदिर के कपाट रहते हैं बंद

बता दें कि हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि को यह प्रभु जगन्नाथ की जलयात्रा होती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ के साथ उनके सुदर्शन चक्र, बलभद्र और बहन सुभद्रा को  108 कलशों  के द्वारा जल से स्नान कराया जाता है।  धार्मिक मान्यता है ये स्नान लगभग पूरा दिन कराने के कारण महाप्रभु जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं और फिर उन्हें मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाता है। इस दौरान मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और किसी भी भक्तगण को भगवान के दर्शन करने की इजाजत नहीं होती है। इस दौरान प्रभु एकांतवास में होते हैं।  इस दौरान केवल सेवायत पुजारी वैद्य के समान उनकी सेवा और उपचार करते हैं। लगभग पंद्रह दिनों तक भगवान गर्भगृह में ही विराजमान रहते हैं। इसके बाद देशभर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है।

इस दिन भगवान जगन्नाथ देंगे दर्शन

15 दिनों तक विश्राम करने के बाद भगवान जगन्नाथ , बलभद्र और सुभद्र फिर स्वस्थ माने जाते हैं। इसके बाद रथ यात्रा से एक दिन पहले प्रभु जगन्नाथ नवयौवन दर्शन देते हैं। फिर रथों पर विराजमान होकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के साथ भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलते हैं। 

रथ यात्रा 2026 कब से शुरू होगी?

पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया का आरंभ 15 जुलाई को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर होगा। द्वितीया तिथि का समापन 16 जुलाई को सुबह 8 बजकर 52 मिनट पर होगा। इस साल जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई 2026 को निकाली जाएगी। रथ यात्रा 16 जुलाई से प्रारंभ होकर 24 जुलाई को बहुदा यात्रा के साथ संपन्न होगी। बता दें कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा जब निकलती है तब रथ को खींचने के लिए भारी संख्या में भक्तगण जुटते हैं। इन विशाल रथों को खींचने के लिए किसी भी जानवर (घोड़े या हाथी) का इस्तेमाल नहीं होता। आपको बता दें कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकलती है तो पूरे मार्ग को सोने की झाड़ू से साफ किया जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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