उत्तर प्रदेश को आज दो प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला अहम एक्सप्रेसवे मिलने जा रहा है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ को कानपुर से जोड़ने वाले लखनऊ-कानपुर नेशनल एक्सप्रेसवे (NE-6) को उद्घाटन करेंगे। इस खास मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।
आम लोगों के लिए कब खुलेगा एक्सप्रेसवे
आम लोगों की आवाजाही के लिए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को मंगलवार सुबह 8 बजे खोल दिया जाएगा।
कितनी देर में पूरा होगा लखनऊ से कानपुर का सफर
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के रास्ते, प्रदेश की राजधानी से कानपुर जाने में सिर्फ 35 से 45 मिनट का समय लगेगा। अभी लखनऊ से कानपुर जाने में 3 घंटे तक का समय लग जाता है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर क्या होगी स्पीड लिमिट
लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे पर कार के लिए 120 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी प्रति घंटा की अधिकतम स्पीड लिमिट तय की गई है।
कितना लंबा है लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर नेशनल एक्सप्रेसवे (NE-6) की लंबाई 63 किलोमीटर है। ये 6 लेन वाला एक्सप्रेसवे होगा, जिसे बनाने में लगभग 4200 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत लखनऊ में शहीद पथ से होगी और कानपुर के चकेरी में ये खत्म होगा।
क्या दोपहिया और तीनपहिया वाहनों को भी इस्तेमाल की इजाजत है
नहीं, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सभी तरह के दोपहिया और तीनपहिया वाहन प्रतिबंधित हैं। इस एक्सप्रेसवे पर सिर्फ 4 पहिया और 4 से ज्यादा पहिए वाले वाहनों को ही आने-जाने की इजाजत है।
कितना होगा टोल
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर मंगलवार से ही टोल की वसूली शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही, लखनऊ-कानपुर हाईवे की तुलना में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से गुजरना महंगा होगा। इस एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का टोल 275 रुपये होगा। जबकि, हाईवे से गुजरने पर सिर्फ 95 रुपये का टोल देना होता है। अगर आप 24 घंटे के अंदर वापसी करते हैं तो आपको दोनों साइड के कुल 415 रुपये देने होंगे। हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए एक साइड का 445 रुपये और 24 घंटे में वापसी पर दोनों साइड का 670 रुपये टोल देना होगा। बस और ट्रकों के लिए एक साइड का 935 रुपये और 24 घंटे में वापसी करने पर दोनों साइड का 1405 रुपये देना होगा। इसी तरह, भारी वाहनों को एक साइड का 1020 रुपये और 24 घंटे में वापसी करने पर दोनों साइड का 1530 रुपये चुकाने होंगे।
कहां-कहां मिलेगी एंट्री और एग्जिट की सुविधा
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कुल 6 जगहों से एंट्री और एग्जिट किया जा सकेगा। लखनऊ में दारोगाखेड़ा, बनी और हरौनी में एंट्री और एग्जिट लिया जा सकता है। उन्नाव जिले में अजगैन और अमरपास के अलावा कानपुर में आजाद चौक के पास एंट्री और एग्जिट की सुविधा होगी।
कैसे होगी टोल की वसूली
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल के भुगतान के लिए रुकने की कोई जरूरत नहीं होगी। ये उत्तर प्रदेश का पहला बैरियर-फ्री मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम से लैस एक्सप्रेसवे होगा। ये एडवांस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम गाड़ियों को बिना रुके टोल भुगतान की सुविधा देता है। इसमें 'ऑटोमेटिक नंबर प्लेट' पहचान और 'फास्टैग' जैसी एडवांड्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। MLFF टोलिंग सिस्टम के तहत, कुछ खास चुनिंदा जगहों पर एडवांस्ड कैमरे लगाए जाते हैं, जो आपकी गाड़ी का नंबर प्लेट और फास्टैग की डिटेल्स कलेक्ट कर फास्टैग से ऑटोमैटिकली पैसे काट लेते हैं।
अगर गाड़ी पर फास्टैग नहीं है तो क्या होगा
अगर आपकी गाड़ी पर फास्टैग नहीं है तो कैमरे आपकी गाड़ी के नंबर प्लेट से आपकी पहचान करेंगे और सिस्टम को सारी डिटेल्स भेज देंगे। जिसके बाद आपको दोगुने टोल के साथ-साथ 500 रुपये से 1000 रुपये तक का जुर्माना भी भरना होगा। इसके लिए आपके पास 15 दिनों का समय होगा। अगर आपने तय समय में टोल और जुर्माना नहीं भरा तो आपकी गाड़ी की आरसी को निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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