Wednesday, May 29, 2024
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ब्रिज गिरा तो एक दूसरे के ऊपर गिर पड़े लोग...चश्मदीदों ने बताया हादसे का मंजर

गुजरात के मोरबी में रविवार की शाम छठ महापर्व के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। मच्छू नदी पर बना केबल ब्रिज ढह गया, जिसमें अब तक 143 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। चश्मदीदों ने कहा कि अंग्रेजों के समय के इस हैंगिंग ब्रिज पर उस समय कई महिलाएं और बच्चे थे, जब वह टूट गया।

Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
Updated on: October 31, 2022 6:46 IST
चश्मदीदों ने बताया हादसे का मंजर - India TV Hindi
Image Source : ANI चश्मदीदों ने बताया हादसे का मंजर

Bridge Collapse: गुजरात के मोरबी में केबल ब्रिज टूटने से दर्दनाक हादसा हुआ है। अब तक करीब 143 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। युद्धस्तर पर राहत और बचाव का काम किया जा रहा है। पीएम एक-एक मिनट की रिपोर्ट ले रहे हैं। सीएम भूपेंद्र पटेल भी मोरबी में हैं और हालात की जानकारी ले रहे हैं। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए SIT का भी गठन किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह पुल करीब एक सदी पुराना था और मरम्मत के बाद हाल ही में इसे जनता के लिए खोला गया था। अधिकारियों ने कहा कि जनता के लिए चार दिन पहले ही फिर से खोले गए इस ब्रिज पर लोगों की काफी भीड़ थी। उन्होंने बताया कि पुल शाम करीब साढ़े छह बजे टूट गया। 

'कुछ लोगों को पुल पर कूदते देखा गया'

चश्मदीदों ने कहा कि अंग्रेजों के समय के इस हैंगिंग ब्रिज पर उस समय कई महिलाएं और बच्चे थे, जब वह टूट गया। इससे लोग नीचे पानी में गिर गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कुछ लोगों को पुल पर कूदते और उसके बड़े तारों को खींचते हुए देखा गया। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पुल उस पर लोगों की भारी भीड़ के कारण टूट कर गिर गया हो। उन्होंने बताया कि पुल गिरने के चलते लोग एक दूसरे के ऊपर गिर पड़े। 

'लोगों को बचाने के लिए पानी में कूद गए'

एक चश्मदीद ने बताया, "मैं अपने ऑफिस समय के बाद दोस्तों के साथ नदी के किनारे आया था, तब हमने पुल के टू्टने की आवाज़ सुनी। हम वहां पहुंचे और लोगों को बचाने के लिए पानी में कूद गए। हमने कुछ बच्चों और महिलाओं को बचाया।" घटना में घायल हुए एक शख्स ने कहा कि दुर्घटना अचानक हुई और हो सकता है कि यह हादसा पुल पर बहुत अधिक लोगों के कारण हुआ हो। 

'लोगों को बचाने के लिए नावों का इस्तेमाल'

दीपावली की छुट्टी और रविवार होने के कारण प्रमुख पर्यटक आकर्षण पुल पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ी हुई थी। एक निजी संचालक ने लगभग छह महीने तक पुल की मरम्मत का काम किया था। पुल को 26 अक्टूबर को गुजराती नववर्ष दिवस पर जनता के लिए फिर से खोला गया था। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों को नदी से निकालने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 

सिविल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड

अधिकारी ने बताया, "हम नावों की मदद से बचाव कार्य कर रहे हैं। नदी में करीब 40-50 लोग हैं।" राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने तीन टीमों को मोरबी जिले में भेजा है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि वह त्रासदी से दुखी हैं। उन्होंने कहा, "प्रशासन द्वारा राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन को घायलों के तत्काल इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। मैं इस संबंध में जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हूं।" मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि पुल गिरने से घायल हुए लोगों के इलाज के लिए सिविल अस्पताल में एक आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। 

पीएम मोदी ने मुआवजे का किया ऐलान

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना के संबंध में मुख्यमंत्री पटेल और अधिकारियों से बात की। मोदी इस समय गुजरात में हैं। पीएमओ ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी बचाव अभियान के लिए दलों को तत्काल तैनात करने को कहा है। उन्होंने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने को कहा है।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिवारों के लिए दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।

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