देवभूमि द्वारका में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हो गया है। गुरुवार को सरकारी जमीन पर बने धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चला। स्थानीय प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया था। इसके बाद द्वारका के नजदीक समुद्र तट पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए की प्रक्रिया शुरू की गई। धार्मिक स्थलों पर भी बुलडोजर चलाया गया। आरंभडा और रूपेण बंदर पर अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल और तहसीलदार के साथ SDM मौजूद थे। बताया जा रहा है कि बुलडोजर दो से तीन दिन तक चलेगा।
सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि द्वारका में सरकारी ज़मीन पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए आज सुबह से तोड़-फोड़ अभियान चलाया गया है। इसमें कुछ धार्मिक स्थलों सहित अन्य अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की गई है। द्वारका शहर और आसपास के इलाकों में भू-माफियाओं ने सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से व्यावसायिक, आवासीय और अन्य अतिक्रमण कर रखे थे।
आज सुबह से ही द्वारका के प्रांतीय अधिकारी अमोल अवाटे और DYSP सागर राठौड़ की टीम ने द्वारका नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले रूपेण बंदर क्षेत्र में एक सुनियोजित तरीके से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और JCB जैसे उपकरणों की मदद से अवैध अतिक्रमणों को हटाने का काम शुरू कर दिया।
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इस अतिक्रमण को हटाकर, हज़ारों वर्ग फुट की कीमती सरकारी ज़मीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इससे पहले द्वारका ज़िले के तटीय इलाकों में कई अवैध गतिविधियों का खुलासा हुआ था। आज से शुरू हुए 'ऑपरेशन डिमोलिशन' (तोड़-फोड़ अभियान) के इस दूसरे चरण में इस प्रक्रिया के तीन से चार दिनों तक चलने की भी संभावना है।
2 करोड़ 27 लाख रुपये की खाली कराई गई सरकारी जमीन
अधिकारियों ने बताया कि द्वारका में आज तीन जगह से अतिक्रमण हटाया गया है और 2 हजार 500 स्क्वायर मीटर सरकारी जमीन खाली कराई गई है। इसकी कीमत की कीमत 2 करोड़ 27 लख रुपए आंकी गई है। यह पूरा कोस्टल इलाका है। यह सरकारी जमीन बनाया गया था।
रिपोर्ट- हरदीप भोगल