अहमदाबादः गुजरात के नवसारी जिले में बृहस्पतिवार सुबह 3.4 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने बताया कि भूकंप सुबह पांच बजकर 27 मिनट पर आया और इसका केंद्र वांसदा से 22 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में स्थित था। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही किसी के हताहत होने की कोई खबर है।
अमरेली और राजकोट में भी आया था भूकंप
पिछले 10 दिनों में गुजरात में भूकंप आने का यह तीसरा मामला है। इससे पहले अमरेली जिले में रविवार को 3. 1 तीव्रता का भूकंप आया था। हालांकि, इससे किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान नहीं हुई। अधिकारियों ने बताया कि गांधीनगर स्थित भूकंपीय अनुसंधान संस्थान के अनुसार, भूकंप का यह झटका शाम 4.10 बजे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि भूकंप का केंद्र सौराष्ट्र क्षेत्र में अमरेली से लगभग 42 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में सतह से 11.6 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से न तो कोई घायल हुआ और न ही संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचा।
इससे पहले पिछले सप्ताह मंगलवार को सौराष्ट्र क्षेत्र के राजकोट जिले में भी इसी तरह का 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था। पिछले कुछ दिनों में अमरेली में कई हल्के झटके महसूस किए गए हैं। मित्याला गांव के सरपंच ने पुष्टि की है कि रविवार का झटका काफी तेज महसूस किया गया था। कसवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि आगे की जांच के लिए अमरेली में एक तकनीकी टीम भेजी जाएगी।
भूकंप के बड़े केंद्र हैं ये इलाके
गुजरात भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है और गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जीएसडीएमए) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले 200 वर्षों में यहां नौ बड़े भूकंप आ चुके हैं। जीएसडीएमए के अनुसार, 2001 का कच्छ भूकंप पिछली दो शताब्दियों में भारत में आया तीसरा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे विनाशकारी भूकंप था। गुजरात के कच्छ जिले के भाचाऊ के पास 26 जनवरी 2001 को 6.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने पूरे राज्य को प्रभावित किया। इस भूकंप में 13,800 लोगों की जान चली गई और 1.67 लाख लोग घायल हो गए।