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बॉर्डर से बैरिकेड्स हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची हरियाणा सरकार, हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jul 15, 2024 09:50 pm IST,  Updated : Jul 15, 2024 09:50 pm IST

12 जुलाई को शीर्ष अदालत ने हरियाणा सरकार से बैरिकेड्स हटाने को कहा था और राजमार्ग अवरुद्ध करने के उसके अधिकार पर सवाल उठाया था।

Shambhu Border- India TV Hindi
शंभू बॉर्डर Image Source : PTI

हरियाणा सरकार ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है जिसमें उसे अंबाला के पास शंभू सीमा पर एक सप्ताह के भीतर अवरोधक हटाने को कहा गया है। शंभु सीमा पर किसान 13 फरवरी से डेरा डाले हुए हैं। अधिवक्ता अक्षय अमृतांशु के माध्यम से दायर राज्य सरकार की अपील में नाकेबंदी के लिए कानून एवं व्यवस्था की स्थिति का हवाला दिया गया है। संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए 12 जुलाई को शीर्ष अदालत ने हरियाणा सरकार से बैरिकेड्स हटाने को कहा था और राजमार्ग अवरुद्ध करने के उसके अधिकार पर सवाल उठाया था। 

हरियाणा सरकार ने फरवरी में अंबाला-नयी दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवरोधक लगा दिए थे, जब संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने घोषणा की थी कि किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में दिल्ली तक मार्च करेंगे। 

किसान भी इस देश के नागरिक

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने 12 जून को कहा था, “कोई राज्य राजमार्ग को कैसे बाधित कर सकता है? यातायात को नियंत्रित करना उसका कर्तव्य है। हम कह रहे हैं कि इसे खोलिये लेकिन नियंत्रित कीजिए।” वकील ने पीठ को राज्य सरकार की उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करने की मंशा के बारे में बताया था जिसके बाद पीठ ने यह टिप्पणी की। न्यायमूर्ति कांत ने राज्य के वकील से कहा था, “आप उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती क्यों देना चाहते हैं? किसान भी इस देश के नागरिक हैं। उन्हें भोजन और अच्छी चिकित्सा सुविधा दीजिए। वे आएंगे, नारे लगाएंगे और वापस चले जाएंगे। मुझे लगता है कि आप सड़क मार्ग से यात्रा नहीं करते हैं।” 

शुभकरण सिंह की मौत से जुड़ी याचिका पर सुनवाई

शीर्ष अदालत ने हरियाणा सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की थी, जिसमें फरवरी में प्रदर्शनकारी किसानों और हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प के दौरान किसान शुभकरण सिंह की मौत की जांच के लिए उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के सात मार्च के फैसले को चुनौती दी गई थी। बठिंडा निवासी 21 वर्षीय सिंह की 21 फरवरी को पंजाब-हरियाणा सीमा पर खनौरी में हुई झड़प में मौत हो गई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। (इनपुट- पीटीआई भाषा)

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