Monday, February 09, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. हरियाणा
  3. अमेरिका से हरियाणा के 50 लोग हुए डिपोर्ट, हरजिंदर सिंह ने सुनाई पीड़ा- 25 घंटे बेड़ियों में जकड़ कर रखा गया

अमेरिका से हरियाणा के 50 लोग हुए डिपोर्ट, हरजिंदर सिंह ने सुनाई पीड़ा- 25 घंटे बेड़ियों में जकड़ कर रखा गया

Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
Published : Oct 28, 2025 07:25 pm IST, Updated : Oct 28, 2025 07:27 pm IST

अमेरिका से निर्वासित हरजिंदर सिंह ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें विमान में 25 घंटे तक बेड़ियों में जकड़ कर रखा गया, जिससे उनके पैर सूज गए।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : PIXABAY.COM प्रतीकात्मक फोटो

अमेरिका में बेहतर भविष्य की तलाश में गए भारतीय नागरिकों का एक और जत्था हाल ही में भारत निर्वासित किया गया है। इन निर्वासितों में से एक 45 वर्षीय हरजिंदर सिंह ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें विमान में 25 घंटे तक बेड़ियों में जकड़ कर रखा गया, जिससे उनके पैर सूज गए।

हरजिंदर सिंह ने एक बेहतर जीवन के लिए अमेरिका जाने हेतु 35 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन उनका सपना अब टूट गया है। उन्होंने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके परिवार के लिए कुछ अच्छा करने की उनकी उम्मीदें धराशायी हो गई हैं।

हरियाणा के 50 लोग शामिल

अधिकारियों ने बताया कि अवैध प्रवासियों के इस नवीनतम समूह में हरियाणा के विभिन्न जिलों जैसे- कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, जींद और पानीपत के लगभग 50 लोग शामिल थे। उन्हें लेकर आया विमान शनिवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा।

ये प्रवासी, जिनमें से अधिकांश की आयु 25 से 40 वर्ष के बीच है, ने अपने निर्वासन पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अमेरिका पहुंचने के लिए उन्होंने अपनी बचत खर्च की, प्लॉट बेचे और रिश्तेदारों से उधार लिया, जिसके तहत उन्होंने लाखों रुपये दिए थे। इनमें से अधिकांश ने अमेरिका में घुसने के लिए खतरनाक 'डंकी रूट' (अवैध तरीके से सीमा पार करने का रास्ता) अपनाया था।

"अमेरिका जाने के लिए 35 लाख किया खर्च"

अधिकारियों के अनुसार, इन निर्वासितों को हरियाणा में उनके संबंधित जिलों में लाया गया और उनके परिवारों को सौंप दिया गया। अंबाला के जगोली गांव के हरजिंदर सिंह ने विस्तार से बताया कि उन्होंने अमेरिका जाने के लिए 35 लाख रुपये की बड़ी रकम खर्च की थी। उन्होंने कहा, "मैंने वहां खाना बनाना सीखा और फ्लोरिडा के जैक्सनविले में रहा। वहां मेरी नौकरी अच्छी थी। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने मुझे पकड़ लिया और वापस भारत भेज दिया। मुझे अमेरिका पसंद था। यह एक अच्छा देश है, लेकिन ट्रंप ने हमें वापस भेज दिया। कई भारतीयों को निर्वासित किया गया है।" उन्होंने अपने परिवार के लिए केंद्र से मदद भी मांगी। 

अवैध प्रवासियों पर अमेरिकी कार्रवाई

इस साल की शुरुआत में अमेरिकी अधिकारियों ने पंजाब, हरियाणा और गुजरात से कई युवाओं को निर्वासित किया था। इस साल जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। (इनपुट- भाषा)

ये भी पढ़ें-

"200 यूनिट फ्री बिजली, हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी", महागठबंधन के घोषणा पत्र में और क्या-क्या है?

बाबा बागेश्वर का बड़ा दावा- मेरे पीछे विदेशी ताकतें, AI जनरेटेड फेक वीडियो बनाकर बदनाम कर रहे

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हरियाणा से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement