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इसोफेगस कैंसर बन रहा है ‘साइलेंट’ खतरा, जान लें भोजन नली में कैंसर होने पर क्या लक्षण दिखते हैं, किसे है सबसे बड़ा रिस्क

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Apr 08, 2026 01:04 pm IST,  Updated : Apr 08, 2026 01:05 pm IST

Esophagus Cancer Symptoms: खाना निगलने में दिक्कत होती है या गले में कुछ असहज महसूस हो रहा है तो एक बार डॉक्टर को जरूर दिखा लें। ये एसोफेगस कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। जानिए किसे भोजन नली के कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है।

Esophageal Cancer- India TV Hindi
Esophageal Cancer Image Source : FREEPIK

भारत सहित पूरी दुनिया में कैंसर तेजी से पैर पसार रहा है। अप्रैल महीने को इसोफेगस कैंसर जागरूकता महीने के रूप में मनाया जाता है। इसोफेगस यानि खाने के नली में पैदा होने वाला कैंसर, जो कई बार बिना किसी साफ लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ता रहता है। यही वजह है कि इसे साइलेंट खतरा माना गया है और देरी से पता चलने से स्थिति गंभीर हो सकती है। भारत में तंबाकू और शराब का बढ़ता सेवन इसोफेगस कैंसर का बड़ा कारण बन रहा है।

इसोफेगस कैंसर के कारण

डॉक्टर अक्षत मलिक (सीनियर कंसल्टेंट, हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी, अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली) ने बताया, तंबाकू और शराब- तंबाकू चाहे धूम्रपान के रूप में हो या बिना धुएं के जैसे गुटखा, पान मसाला, इसोफेगस कैंसर के सबसे बड़े जोखिम कारकों में से एक है। इसमें मौजूद हानिकारक तत्व खाने की नली की परत को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है। शराब इस नुकसान को और बढ़ा देती है। जब तंबाकू और शराब का सेवन एक साथ किया जाता है, तो ये मिलकर कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। ऐसा इसोफेगस कैंसर के मरीजों में आम तौर पर देखा जाता है, जो एक गंभीर समस्या है।

लाइफस्टाइल के अलावा दूसरे कारण

कैंसर का बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल को माना जाता है, लेकिन कुछ अन्य कारणों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लंबे समय तक रहने वाली गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) और बैरेट्स इसोफेगस, एडेनोकार्सिनोमा से गहराई से जुड़े हैं। ताजा फल और सब्जियों की कमी वाला आहार, कुपोषण, मोटापा, बहुत गर्म पेय पदार्थों का बार-बार सेवन और कुछ पर्यावरण से जुड़े कारक भी एसोफेगस  कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। भारत में पोषण संबंधी कमी और खान-पान की आदतें भी एसोफेगस कैंसर का कारण हो सकती हैं।

इसोफेगस कैंसर के लक्षण

इसोफेगस कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती इसके शुरुआती लक्षणों का हल्का और अस्पष्ट होना है। मरीजों को निगलने में हल्की दिक्कत, खाना गले में अटकने जैसा महसूस होना या गले में असहजता जैसे लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें अक्सर सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। हेड और नेक कैंसर के लक्षण भी  काफी समान होते हैं। निगलने में कठिनाई, वजन कम होना, गले में दर्द, लगातार खांसी या आवाज में बदलाव ये लक्षण दोनों स्थितियों में देखे जा सकते हैं। यही वजह है कि कई बार एक जैसे लक्षण होने की वजह से कैंसर की पहचान में देरी हो सकती है।

डॉक्टर को कब दिखाएं

ऊपरी श्वसन या पाचन तंत्र से जुड़े कोई भी लक्षण खासकर तंबाकू या शराब का सेवन करने वाले लोगों में अगर लंबे समय तक बने रहें, तो उनकी जांच कराना बेहद जरूरी है। इन शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर इलाज होने से परिणाम काफी बेहतर हो सकते हैं।

 

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