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34 की उम्र में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने किए ये बदलाव, 10 साल बाद भी फिट और हेल्दी रहने में मिल रही मदद

 Written By: Poonam Yadav
 Published : Aug 30, 2026 06:46 pm IST,  Updated : Aug 30, 2026 06:46 pm IST

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट सौरभ सेठी बता रहे हैं कि बढ़ती उम्र में भी फिट और एक्टिव रहने के लिए उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल में कौन-कौन से बदलाव किए।

34 की उम्र में हेल्दी आदतें- India TV Hindi
34 की उम्र में हेल्दी आदतें Image Source : UNSPLASH/SAURAB SETHI - LINKDIN

अगर आप चाहते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ भी शरीर फिट रहे तो इसकी शुरुआत आज से करनी चाहिए। रोजाना किए गए छोटे-छोटे, बदलाव लंबे समय में आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकते हैं। कैलिफ़ोर्निया में रहने वाले गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी, ने अपनी लाइफस्टाइल में किए ऐसे ही बदलाव साझा किए हैं। 27 अगस्त को शेयर किए गए इंस्टाग्राम वीडियो में,उन्होंने बताया कि 44 साल की उम्र में वह 34 साल की उम्र की तुलना में खुद को ज्यादा बेहतर महसूस करते हैं और इसके पीछे उनकी बदली हुई आदतों की भूमिका है।

जीवनशैली में किए ये बदलाव

  • खाना खाने के बाद वॉक: डॉ. सौरभ सेठी कहते हैं कि वे खाना खाने के बाद वॉक ज़रूर करते हैं। थोड़ी देर टहलने से ग्लूकोज लेवल में होने वाली स्पाइक्स को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • डाइट में शामिल किया प्लांट-बेस्ड फूड्स: डॉ. सौरभ सेठी हर हफ़्ते 30 से ज़्यादा अलग-अलग तरह के प्लांट-बेस्ड फूड्स का सेवन करते हैं। अलग-अलग तरह के पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में अलग-अलग पोषक तत्व होते हैं। जो लोग हफ़्ते में 30 से ज़्यादा तरह के प्लांट-बेस्ड फूड्स खाते थे, उनमें गट माइक्रोबियल डाइवर्सिटी उन लोगों की तुलना में ज़्यादा थी जो 10 से कम तरह के ऐसे फूड्स खाते थे।

  • सोने से 2-3 घंटे पहले खाना:  देर से खाना खाने से रात के समय ग्लूकोज कंट्रोल खराब हो सकता है और खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाने से रिफ्लक्स (एसिडिटी) का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सोने से 2-3 घंटे पहले खाना खा लेना चाहिए।

  • हफ़्ते में 2-3 बार वेट ट्रेनिंग: डॉक्टर हफ्ते में दो से तीन बार वेट लिफ्टिंग करते हैं। उनके अनुसार उम्र बढ़ने के साथ मसल्स मास को बनाए रखने और हड्डियों की मजबूती में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अहम भूमिका निभाती है। 

  • रोज़ाना 30 ग्राम से ज़्यादा फाइबर: डॉक्टर कहते हैं कि वे रोज़ाना 30 ग्राम से ज़्यादा फाइबर लेने की कोशिश करते हैं। ज़्यादा फाइबर लेने से दिल की बीमारी, टाइप 2 डायबिटीज़, कोलोरेक्टल कैंसर और समय से पहले मौत का ख़तरा कम होता है।

  • 7-9 घंटे की नींद:  अच्छी सेहत के लिए डाइट और एक्सरसाइज़ के साथ-साथ नींद भी एक ज़रूरी चीज़ है। लंबे समय तक कम नींद लेने का असर सिर्फ़ एनर्जी पर ही नहीं पड़ता। इसका संबंध ग्लूकोज रेगुलेशन और दिल की सेहत के खराब होने से भी है, इसलिए पूरी नींद लें।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)

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