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क्या हर दिन अलग-अलग समय पर सोना हार्ट के लिए कितना हानिकारक है? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

 Written By: Ritu Raj
 Published : Sep 11, 2026 01:52 pm IST,  Updated : Sep 11, 2026 01:52 pm IST

क्या आपको पता है कि आपके सोने और जगने का कनेक्शन आपके हार्ट है। जो लोग अपने सोने के समय में लगातार बदलाव करते रहते हैं उनमें सबसे ज्यादा हार्ट अटैक का खतरा रहता है। जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर।

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क्या हर दिन अलग-अलग समय पर सोना हार्ट के लिए कितना हानिकारक है? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर Image Source : MAGNIFIC

आजकल लोगों की लाइफस्टाइल इतनी बिगड़ चुकी है कि न लोगों का सोने का समय फिक्स है और न ही जागने का। कई लोग ऐसे हैं जो फोन चलाने के चक्कर में रात को 2 बजे सोते हैं और सुबह देर से उठते हैं। लेकिन शायद उन्हें ये नहीं मालूम है कि वो अपने स्वास्थ के साथ कैसा खिलवाड़ कर रहे हैं। रोजाना सोने और जागने का समय बहुत ज्यादा बदलना लंबे समय में दिल की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि हम कितने घंटे सोते हैं, बल्कि कब सोते हैं और हमारी नींद पूरी हो रही है या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में डॉ. राशि खरे, अतिरिक्त निदेशक इंटरवेंशन कार्डियोलॉजी और हार्ट फेलियर प्रोग्राम, फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग बता रही हैं कि हर दिन अलग-अलग समय पर सोने से हार्ट पर क्या असर पड़ता है। चलिए जानते हैं। 

समय पर सोना क्यों है जरूरी

हमारे शरीर की एक प्राकृतिक जैविक घड़ी होती है जिसे सर्केडियन रिदम कहते हैं। जब हम कभी बहुत जल्दी, कभी देर रात और कभी सुबह तक जागते हैं, तो यह नेचुरल रिदम को प्रभावित करता है। इससे नींद की गुणवत्ता खराब होने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर, हार्मोन, तनाव और शरीर के मेटाबॉलिज्म पर भी असर पड़ सकता है। लंबे समय तक अनियमित नींद की आदत मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी स्वास्थ समस्याओं का भी कारण बनती है। जो आगे चलकर हार्ट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। 

स्लीप रूटीन सुधारें
खासकर जो लोग नियमित रूप से रात की शिफ्ट में काम करते हैं, देर रात तक जागते हैं या वीकेंड पर और छुट्टियों में सोने का समय बहुत ज्यादा बदलते हैं, उन्हें अपनी स्लीप रूटीन पर खास ध्यान देना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि एक-दो दिन देर से सोने से दिल को नुकसान हो जाएगा। समस्या तब होती है जब अनियमित नींद लगातार हमारी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाती है। एक स्वस्थ वयस्क को आमतौर पर 7–9 घंटे की पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेनी चाहिए। कोशिश करें कि रोजाना लगभग एक ही समय पर सोएं और जागें, यहां तक कि वीकेंड में भी। सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें। वहीं देर शाम कैफीन का सेवन करने से बचना चाहिए। 

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