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माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के बीच के अंतर को कैसे पहचानें?

 Written By: Ritu Raj
 Published : Oct 12, 2026 08:52 pm IST,  Updated : Oct 12, 2026 08:52 pm IST

माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द बहुत कॉमन हो चुका है। लेकिन एक सवाल जो कई लोगों के मन में रहता है वो है कि माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के बीच के अंतर को कैसे पहचान सकते हैं। चलिए जानते हैं।

माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के बीच के अंतर को कैसे पहचानें?- India TV Hindi
माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के बीच के अंतर को कैसे पहचानें? Image Source : MAGNIFIC

सिरदर्द एक आम समस्या है, जो थकान, तनाव, नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी या अन्य कारणों से हो सकती है। हालांकि, हर सिरदर्द सामान्य नहीं होता। ये माइग्रेन भी हो सकता है। माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें सिरदर्द के साथ कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। दोनों के बीच अंतर पहचानना जरूरी है, ताकि सही समय पर उचित उपचार किया जा सके। लेकिन कई लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन के बीच का अंतर कैसे पहचानें। इस सवाल का जवाब डॉ संकल्प मोहन, वरिष्ठ सलाहकार- न्यूरोलॉजी, फोर्टिस अस्पताल मानेसर बता रहे हैं कैसे फर्क बता करें। 

कैसे पहचानें दोनों के बीच का अंतर

सिरदर्द का सबसे आम रूप तनाव है जो आपको आपके सिर के दोनों तरफ दबाव या कसाव का अहसास देता है। सामान्य सिरदर्द में ऐसा लगता है जैसे किसी ने आपके सिर के चारों ओर एक कसा हुआ बंधन बांध दिया हो। दर्द का लेवल आम तौर पर बहुत गंभीर नहीं होता है और नियमित रोजाना की एक्टिविटी के बाद भी बढ़ता नहीं है। अन्य लक्षणों में गर्दन और कंधे के मांसपेशियों का कसाव होता है।

हालांकि माइग्रेन का दर्द आमतौर पर सिर के किसी एक हिस्से में और धड़कन की तरह महसूस होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह सिर के दोनों तरफ भी हो सकता है। इस स्थिति में होने वाला दर्द इतना तीव्र होता है कि उसे सहन करना बेहद मुश्किल हो जाता है। किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि जैसे चलना-फिरना या काम करने पर यह दर्द और अधिक बढ़ जाता है। दर्द के साथ-साथ मरीज़ को उल्टी या मितली आना, बुखार, तेज रोशनी और आवाज़ के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता बढ़ जाता है। 

कब करें डॉक्टर से संपर्क
माइग्रेन केवल एक साधारण सिरदर्द नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के दैनिक जीवन को गहराई से प्रभावित करने वाली समस्या है। माइग्रेन के कारण रोगियों को काम करने में, अध्ययन करने में, सोने में, सामाजिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2021 में माइग्रेन तंत्रिका संबंधी विकारों के सबसे बड़े कारणों में से एक था, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। सिरदर्द बार-बार और अधिक तीव्रता के साथ आ रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। गंभीर सिरदर्द जो अचानक आते हैं,बोलने में कठिनाई, किसी भी शरीर के हिस्से में कमज़ोरी, धुंधली दृष्टि, बुखार या नज़र में अचानक बदलाव जैसे लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 

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