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नवरात्रि‍ व्रत में डायबिटीज के मरीज इन बातों का रखें ध्यान? नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर लेवल

 Written By: Ritu Raj
 Published : Oct 12, 2026 04:07 pm IST,  Updated : Oct 12, 2026 04:07 pm IST

डायबिटीज के मरीजों को नवरात्रि के व्रत के दौरान अपने खान-पान का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। क्योंकि व्रत के दौरान कई बार लोगों का ब्लड शुगर लेवल बहुत कम हो जाता है और कई लोगों का बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में डॉयबिटीज के मरीजों को कुछ बातों का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है।

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नवरात्रि‍ व्रत में डायबिटीज के मरीज इन बातों का रखें ध्यान? नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर लेवल Image Source : MAGNIFIC

नवरात्रि की शुरुआत कल से हो गई है। त्योहार के इस खास मौके पर लोग व्रत रखते हैं, लेकिन डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित मरीजों के लिए व्रत रखते समय अपने ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखना एक बड़ी चुनौती हो सकता है। इस दौरान खान-पान में बदलाव, भोजन करने के समय में अंतर और दवाइयों के समय में बदलाव के कारण ब्लड शुगर का स्तर प्रभावित हो सकता है। हालांकि, कुछ सावधानियां बरतकर त्योहार का आनंद लेते हुए अपनी सेहत का भी ध्यान रखा जा सकता है। ऐसे में डॉ अर्चना एस, क्लिनिकल डायटीशियन और सर्टिफाइड डायबिटिक एजुकेटर, किम्स हॉस्पिटल बता रही हैं कि नवरात्रि व्रत के दौरान डायबिटीज के मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

खान-पान का खास ध्यान रखें

व्रत रखने का मतलब यह नहीं है कि फल, आलू, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी चीजों का असीमित मात्रा में सेवन किया जाए। इन खाद्य पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जिससे ज्यादा खाने पर ब्लड शुगर का लेवल बढ़ सकता है। इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करें और अपने भोजन में प्रोटीन व फाइबर से भरपूर चीजों को भी शामिल करें।

डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक भूखे न रहें
लंबे समय तक कुछ न खाने से ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम होने यानी हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ सकता है। यह जोखिम विशेष रूप से उन लोगों में अधिक होता है, जो इंसुलिन या ऐसी डायबिटीज की दवाइयां लेते हैं जिनसे ब्लड शुगर कम हो सकता है। व्रत रखने से पहले अपने एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें। टाइप-1 डायबिटीज, बार-बार ब्लड शुगर कम होने, अनियंत्रित डायबिटीज या डायबिटीज से जुड़ी अन्य खतरों से पीड़ित लोगों को व्रत के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

ब्लड शुगर की नियमित जांच करें
व्रत के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा बार ब्लड शुगर की जांच करें, खासकर यदि आप इंसुलिन या ऐसी दवाइयां लेते हैं जिनसे शुगर कम होने का खतरा रहता है। पसीना आना, हाथ कांपना, चक्कर आना, दिल की धड़कन तेज होना, बहुत ज्यादा भूख लगना या भ्रम की स्थिति जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
यदि ब्लड शुगर का लेवल 70 mg/dL से कम हो जाए, तो डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार का पालन करें। आमतौर पर इसके लिए 15 ग्राम तेजी से असर करने वाले कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जाता है और 15 मिनट बाद दोबारा ब्लड शुगर की जांच की जाती है।

शरीर में पानी की कमी न होने दें
यदि डॉक्टर ने तरल पदार्थों के सेवन पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है, तो व्रत के दौरान जब भी भोजन या पानी लेने की अनुमति हो, तो पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। एनर्जी के लिए मीठे फलों के जूस, शरबत या अधिक मीठी लस्सी पर निर्भर न रहें, क्योंकि इनसे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।

दवाइयों में अपनी मर्जी से बदलाव न करें
डॉक्टर की सलाह के बिना इंसुलिन या डायबिटीज की दवाइयों की खुराक कम न करें, उन्हें छोड़ें नहीं और न ही उनके समय में बदलाव करें। व्रत के दौरान खान-पान और ब्लड शुगर के लेवल को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर आपकी दवाइयों की खुराक में जरूरी बदलाव कर सकते हैं।

व्रत खोलते समय सावधानी बरतें
लंबे समय तक भूखे रहने के बाद एक साथ बहुत अधिक खाना न खाएं। व्रत खोलते समय संतुलित आहार लें और अधिक कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें एक ही बार में ज्यादा मात्रा में खाने से बचें। सबसे जरूरी बात यह है कि व्रत के कारण सेहत से समझौता न करें। यदि बहुत ज्यादा भूख या प्यास लगने, ब्लड शुगर कम या अधिक होने, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी या चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत व्रत तोड़ दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें। 

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