1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. दिल की धड़कन तेज होना क्या खतरनाक है, क्या इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है?

दिल की धड़कन तेज होना क्या खतरनाक है, क्या इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है?

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Jun 24, 2026 08:30 am IST,  Updated : Jun 24, 2026 08:30 am IST

Suddenly Heartbeat Spikes: कई बार अचानक से दिल की धड़कन तेज हो जाती है और ऐसा लगता है कि आप मैराथन दोड़ रहे हैं। क्या हार्ट बीट तेज होना चिंता की बात है। क्या इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। आइये जानते हैं एक्सपर्ट क्या कहते हैं।

दिल की धड़कन तेज होने का कारण- India TV Hindi
दिल की धड़कन तेज होने का कारण Image Source : INDIA TV

जिंदा रहने के लिए दिल का धड़कना जरूरी है। लेकिन कई बार दिल की धड़कन कम या ज्यादा हो जाती है। कभी कभी अचानक से महसूस होता है कि दिल तेजी से धड़क रहा है। ऐसे में लोग चिंतित हो जाते हैं। क्योंकि एक नॉर्मल व्यक्ति का दिल आराम की स्थिति में 60 से 100 धड़कन प्रति मिनट के बीच धड़कता है। एथलीट या बहुत फिट लोगों की हार्ट बीट इससे कम भी हो सकती है। लेकिन दिल की धड़कन बढ़ना लोगों को डरा सकता है। इसे लोग हार्ट अटैक से भी जोड़ लेते हैं। आइये जानते हैं अचानक दिल की धड़कन क्यों बढ़ जाती हैं और क्या ये दिल के लिए खतरनाक है?

अचानक दिल की धड़कन क्यों बढ़ जाती है?

दिल की धड़कन तेज होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कई बार जब हम कुछ फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, कोई एक्सरसाइज करते हैं तो शरीर की ऑक्सीजन की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए दिल की धड़कन तेज हो जाती है। इसके अलावा तनाव या चिंता होने पर दिल की धड़कन तेज होने लगती है। जो लोग ज्यादा उत्तेजक पदार्थ जैसे कैफीन, निकोटीन या दवाओं को सेवन करते हैं को हार्ट बीट बढ़ सकती है। एनर्जी ड्रिंक्स भी आपकी पल्स रेट को बढ़ा सकती हैं। बुखार या इंफेक्शन होने पर दिल शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है जिससे हार्ट बीट तेज हो जाती है। थायरॉइड संबंधी विकार होने पर भी ऐसा हो सकता है। इसके अलावा हृदय की विद्युत प्रणाली भी इसका कारण हो सकती है। एट्रियल फाइब्रिलेशन या सुप्रावेंट्रिकुलर टैचीकार्डिया जैसी स्थितियां तेज, अनियमित धड़कन का कारण बन सकती हैं।

क्या तेज हार्ट बीट खतरनाक है?

शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भुमेश त्यागी ने बताया कि दिल की धड़कन में हर बढ़ोतरी खतरनाक नहीं होती। कुछ बढ़ोतरी बिल्कुल सामान्य होती हैं, खासकर व्यायाम के दौरान या भावनात्मक उत्तेजना के क्षणों में हार्ट बीट बढ़ना सामान्य है। लेकिन कई बार अचानक बिना किसी कारण से ऐसा होना इंटरनल हेल्थ से जुड़ा हो सकता है। अगर आराम करते समय हार्ट बीट 100 धड़कन प्रति मिनट से ज्यादा है तो ये टैकीकार्डिया कहलाता है । अगर इसका कोई स्पष्ट कारण न हो तो यह खतरे की घंटी है।

तेज दिल की धड़कन को कैसे सामान्य करें

बढ़ रही दिल की धड़कन को नेचुरली कंट्रोल कर करने के लिए गहरी-गहरी सांस लें। इससे हार्ट बीट को थोड़ा कंट्रोल किया जा सकता है। शरीर को हाइड्रेट रखें और इसके साथ ही योग या ध्यान करें। इससे दिल की धड़कनों पर असर होता है और तनाव कम होता है। जोर से खांसना या चेहरे पर ठंडा पानी छिड़कना भी बढ़ती हार्ट बीट को कंट्रोल कर सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।