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सिर्फ फेफड़े ही नहीं, दिल्ली का जहरीला प्रदूषण आपके दिमाग को भी कर रहा है बीमार, बढ़ रहा स्ट्रोक का खतरा

 Written By: Ritu Raj
 Published : Oct 29, 2026 03:42 pm IST,  Updated : Oct 29, 2026 03:42 pm IST

सर्दियां शुरू होते ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब होने लगी है। प्रदूषण का असर हमारे फेफड़ों पर तो पड़ता ही है लेकिन क्या आपको पता है कि ये दिमाग पर भी बुरा असर डालता है। जानिए कैसे।

सिर्फ फेफड़े ही नहीं, दिल्ली का जहरीला प्रदूषण आपके दिमाग को भी कर रहा है बीमार- India TV Hindi
सिर्फ फेफड़े ही नहीं, दिल्ली का जहरीला प्रदूषण आपके दिमाग को भी कर रहा है बीमार Image Source : MAGNIFIC

दिल्ली-NCR में हर साल सर्दियां शुरू होते ही हवा का जहरीला होना एक गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का 'गंभीर' या 'बेहद गंभीर' श्रेणी में पहुंच जाना अब आम बात हो गई है। जब भी प्रदूषण का जिक्र आता है, तो सबसे पहले हमारी आंखों के सामने खांसते हुए लोग, सीने में जकड़न और अस्थमा के मरीजों की सांसें फूलने की तस्वीरें आती हैं। आम धारणा यही है कि वायु प्रदूषण मुख्य रूप से हमारे फेफड़ों और श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। लेकिन, हाल ही में हुए कई मेडिकल रिसर्च से ये पता चला है कि दिल्ली का यह जहरीला धुआं सिर्फ आपके फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि आपके दिमाग को भी अंदर से खोखला कर रहा है। डॉ. राघव कपूर, न्यूरोलॉजी सलाहकार, फोर्टिस, ओखला बता रहे हैं कि कैसे प्रदूषण हमारे दिमाग पर असर डाल रहा है। 

 क्या कहते हैं डॉक्टर

वायु प्रदूषण का असर हमारे शरीर के कई अंगों पर पड़ता है, जिसमें मस्तिष्क भी शामिल है। PM2.5 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं और शरीर में सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और ब्लड वेसल्स की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं। शोध बताते हैं कि लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। यह ब्लड प्रेशर बढ़ाने और ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाने में भी भूमिका निभा सकता है। स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में ब्लड की आपूर्ति बाधित हो जाती है या मस्तिष्क में ब्लड फ्लो होता है। इसके परिणामस्वरूप मरीज को अचानक शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नपन, बोलने या समझने में परेशानी, चेहरे का एक तरफ झुकना, अचानक देखने में दिक्कत या संतुलन बिगड़ने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

बरतें ये सावधानियां

दिल्ली जैसे शहरों में प्रदूषण से पूरी तरह बचना मुश्किल है, लेकिन कुछ सावधानियां जोखिम कम करने में मदद कर सकती हैं। प्रदूषण का लेवल बहुत अधिक होने पर बाहर की फिजिकल एक्टिविटी कम करें, AQI पर नजर रखें और जरूरत के अनुसार अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना, धूम्रपान से बचना और नियमित एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है।

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