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होली के दौरान बिगड़ जाए वात, पित्त और कफ तो इन तरीके से रखें अपनी सेहत का ध्यान, बता रही हैं आयुर्वेद की डॉक्टर

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Mar 14, 2025 02:20 pm IST,  Updated : Mar 14, 2025 02:20 pm IST

आयुर्वेदा में ऐसा माना जाता है कि एक व्यक्ति के स्वस्थ होने का संकेत यह है कि उसके शरीर में वात, पित्त और कफ दोषों का संतुलन होगा। लेकिन ऐसे पकवान खाने से यह संतुलन बिगड़ जाता है।

वात पित्त और कफ दोष को कैसे संतुलित करें- India TV Hindi
वात पित्त और कफ दोष को कैसे संतुलित करें Image Source : SOCIAL

आप सभी लोग इस बात से भली भांति परिचित होंगे कि होली का त्यौहार रंग और उमंग के साथ स्वादिष्ट पकवानों का भी उत्सव होता है। होली के अवसर पर जहाँ एक तरफ रंग गुलाल लगाने की परम्परा चलती आ रही है, वहीँ दूसरी तरफ गुजिया, मालपुआ, दही बड़े, लस्सी जैसे स्वस्दिष्ट व्यंजन खाने की भी परम्परा है। ये पकवान जितने स्वादिष्ट होते हैं आपके स्वास्थ्य के लिए उतने ही ख़राब हो सकते हैं। आयुर्वेदा में ऐसा माना जाता है कि एक व्यक्ति के स्वस्थ होने का संकेत यह है कि उसके शरीर में वात, पित्त और कफ दोषों का संतुलन होगा। लेकिन ऐसे पकवान खाने से यह संतुलन बिगड़ जाता है। आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा ने बताया कि वह कौन से तरीके हैं जिसको अपनाकर आप होली के उमंग को कम किए बिना अपने सेहत का ध्यान रख सकते हैं:

वात पित्त के असंतुलन से क्या अभिप्राय है?

डॉ चंचल शर्मा बताती हैं कि जैसे जैसे होली का रंग उतरना शुरू होता है वैसे ही इन पकवानों का नकारात्मक प्रभाव दिखना शुरू हो जाता है। होली के मौके पर लोग ठंडाई, लस्सी, मेवे आदि खाते हैं जिससे आपके शरीर में वात दोष का स्तर बढ़ सकता है। मालपुआ, गुजिया, मसालेदार पकवान, आदि खाने से शरीर में पित्त दोष का स्तर बढ़ जाता है। जब भी किसी व्यक्ति के शरीर में इन दो दोषों का संतुलन बिगड़ता है तो शरीर में सुस्ती, कब्ज, एसिडिटी, पेट दर्द जैसी समस्या बनी रहती है।

होली के बाद दोषों के प्रकोप से कैसे बचें?

आप जितना अधिक मसालेदार और तला हुआ भोजन करेंगे आपके शरीर में वात दोष का स्तर उतना ज्यादा बढ़ जायेगा। होली के समय सबके घर में इसी तरह के पकवान बनते हैं, ऐसे समय में आपको एक निश्चित मात्रा में ही उसका सेवन करना चाहिए। अगर अपनी भूख के हिसाब से नहीं बल्कि सेहत को ध्यान में रखते हुए इसका सेवन करें, इससे आप पेट में होने वाली समस्या से अपना बचाव कर सकते हैं। जब भी आप कुछ तला हुआ खाते हैं तो वह आपके पाचन क्रिया के साथ आपकी त्वचा को भी नाकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों को कम से कम खाएं और खाने के बाद पानी जरूर पियें यह कफ दोष को नियंत्रित रखता है। इन खाद्य सामग्रियों के साथ आप हल्के भोजन के रूप में दही, लस्सी, हर्बल ड्रिंक्स आदि का सेवन कर सकते हैं क्यूंकि यह दोषों को संतुलित रखने में मददगार साबित हो सकते हैं। इन छोटो छोटी बातों का ध्यान रखते हुए आप अपनी होली के रंग को भंग होने से बचा सकते हैं।

 

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