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क्या हर व्यक्ति को हेपेटाइटिस की जांच करानी चाहिए? फोर्टिस के डॉक्टर ने बताया किनके लिए ये टेस्ट है जरूरी

 Written By: Ritu Raj @rituraj141192
 Published : Jul 28, 2026 03:17 pm IST,  Updated : Jul 28, 2026 07:02 pm IST

हेपेटाइटिस का सीधा अर्थ है लिवर में सूजन। जब लिवर में किसी कारण से सूजन आ जाती है, तो उसकी सामान्य रूप से काम करने की क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में ये जरूरी है कि हेपेटाइटिस की जांच कराई जाए। लेकिन सवाल ये है कि किन लोगों को हेपेटाइटिस की जांच करानी चाहिए। चलिए जानते हैं।

क्या हर व्यक्ति को हेपेटाइटिस की जांच करानी चाहिए?- India TV Hindi
क्या हर व्यक्ति को हेपेटाइटिस की जांच करानी चाहिए? Image Source : MAGNIFIC

हेपेटाइटिस हमारे लीवर से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसके बारे में जागरूकता की कमी अक्सर बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती है। हेपेटाइटिस मुख्य रूप से पांच तरह के होते हैं A, B, C, D और E। इनमें से हेपेटाइटिस B और C सबसे खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि इनके शुरुआती लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते। इसी वजह से इन्हें "साइलेंट किलर" भी कहा जाता है। कोई व्यक्ति बिना किसी परेशानी के वर्षों तक इस वायरस के साथ जी सकता है, जबकि वायरस धीरे-धीरे लिवर को नुकसान पहुंचाता रहता है। जब तक पीलिया, अत्यधिक थकान या पेट में दर्द जैसे लक्षण सामने आते हैं, तब तक लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी गंभीर स्थिति बन चुकी होती है। लेकिन एक सवाल उठता है वो है कि क्या हर व्यक्ति को इसकी जांच करानी चाहिए। फोर्टिस के डॉ. रिंकेश कुमार बंसल, निदेशक, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी ने बताया है कि किन लोगों को टेस्ट करना जरूरी है।

किन्हें टेस्ट करानी चाहिए?

हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है जो लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति को नियमित रूप से हेपेटाइटिस की जांच कराने की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन कुछ लोगों के लिए समय पर स्क्रीनिंग बेहद महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से उन लोगों को हेपेटाइटिस बी और सी की जांच करानी चाहिए जिन्हें कभी संक्रमित ब्लड चढ़ाया गया हो, असुरक्षित इंजेक्शन या टैटू बनवाया हो, डायलिसिस पर हों, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हों, या जिनके परिवार में किसी को हेपेटाइटिस बी या सी हो। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं की हेपेटाइटिस बी की जांच भी आवश्यक है ताकि संक्रमण शिशु तक न पहुंचे।

यदि किसी व्यक्ति में लंबे समय से थकान, पीलिया, भूख कम लगना, पेट में सूजन या लिवर से जुड़ी कोई समस्या हो, तो डॉक्टर की सलाह पर जांच करानी चाहिए। आज के समय में हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है, जबकि हेपेटाइटिस सी का समय पर निदान होने पर सफल उपचार संभव है। इसलिए जागरूकता, समय पर जांच और सही इलाज ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। 

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