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दिल्ली में फैल रहा है स्वाइन फ्लू, जान लें इसके लक्षण क्या हैं और H1N1 से कैसे बचाव करें?

 Written By: Bharti Singh
 Published : Aug 14, 2026 07:51 am IST,  Updated : Aug 14, 2026 07:51 am IST

बारिश आते ही संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पिछले साल के मुकाबले इस साल दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानि H1N1 वायरस काफी तेजी से फैल रहा है। जान लें स्वाइन फ्लू के लक्षण और इससे कैसे बच सकते हैं।

स्वाइन फ्लू के लक्षण- India TV Hindi
स्वाइन फ्लू के लक्षण Image Source : MAGNIFIC

दिल्ली एनसीआर में एक बार फिर स्वाइन फ्लू का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल जहां 229 मामले दर्ज किए गए थे वहीं इस सीजन में अभी तक स्वाइन फ्लू के 14 से ज्यादा सामने आ चुके हैं। मामूली बुखार और वायरल जैसे लक्षणों वाला फ्लू खतरनाक हो सकता है। इसलिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। फरीदाबाद के अमृता अस्पताल में पल्मोनोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर अर्जुन खन्ना के अनुसार, ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं बल्कि एक चेतावनी है कि इन्फ्लूएंजा दिल्ली-एनसीआर में तेजी से फैल रहा है।

चिंता की बात ये है कि H1N1 को लोग एक सामान्य फ्लू वायरस मानकर खारिज कर देते हैं। हालांकि इसमें मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग और पूरी तरह से स्वस्थ लोग बिना किसी जटिलता के ठीक हो जाते हैं, लेकिन कमजोर लोगों में इन्फ्लूएंजा गंभीर हो सकता है और कुछ मामलों में तेजी से बिगड़ सकता है।

H1N1 को हल्के में क्यों नहीं लेना चाहिए

H1N1 वायरल निमोनिया का कारण बन सकता है और अस्थमा और सीओपीडी जैसी पहले से मौजूद सांस की समस्याओं को बढ़ा सकता है। यह हार्ट संबंधी तनाव को भी बढ़ा सकता है और गंभीर मामलों में सांस लेने में मुश्किल का कारण बन सकता है। ऐसे में मरीज को अस्पताल में भर्ती या वेंटिलेटरी सपोर्ट की जरूरत होती है। इस वायरस से गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। डायबिटीज, मोटापा, पुरानी हार्ट की बीमारी या फेफड़ों की बीमारी वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

स्वाइन फ्लू (H1N1) के लक्षण

शुरुआत में जो साधारण बुखार और खांसी लगती है, वह उन समूहों में बहुत जल्दी और बहुत ज्यादा खराब हो सकती है। H1N1 के लक्षण दूसरे संक्रमणों के लक्षणों से मिलते-जुलते हो सकते हैं। इन्फ्लूएंजा के साथ एक चुनौती यह है कि इसके लक्षण हमेशा साफ नहीं होते हैं। बुखार, खांसी, शरीर में दर्द, थकान और गले में खराश कोविड-19, डेंगू और अन्य सीजनल इंफेक्शन में भी हो सकते हैं। सिर्फ इसके लक्षणों के आधार पर पता लगाना मुश्किल हो जाता है। 

हालांकि कुछ लक्षणों के नजर आने पर बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसमें जैसे लगातार तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, सीने में तकलीफ, नींद नहीं आना, ऑक्सीजन की मात्रा में कमी आना या लक्षणों का शुरुआती सुधार के बाद बिगड़ जाना शामिल हैं।

एंटीबायोटिक्स H1N1 का इलाज नहीं करते हैं

एक और चिंता की बात ये है कि फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर एंटीबायोटिक्स का अनावश्यक उपयोग। H1N1 एक वायरस के कारण होता है, जिसका अर्थ है कि एंटीबायोटिक्स इसके खिलाफ प्रभावी नहीं हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक्स लेने से इन्फ्लूएंजा संक्रमण का इलाज नहीं होगा।

किसे अधिक सावधान रहने की जरूरत है?

  • बुजुर्ग लोग
  • प्रेग्नेंट औरत
  • छोटे बच्चे
  • मधुमेह से पीड़ित लोग
  • मोटापे से ग्रस्त लोग
  • जो लोग दीर्घकालिक हृदय रोग से पीड़ित हैं
  • जिन लोगों को फेफड़ों की पुरानी बीमारी है
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग

इन लोगों को सीजनल इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में इन लोगों को सावधान रहना चाहिएय़

स्वाइन फ्लू से कैसे बचें?

इन्फ्लूएंजा की रोकथाम में टीकाकरण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉक्टर खन्ना के मुताबिक आपको सालाना इन्फ्लूएंजा टीकाकरण करना चाहिए जिससे गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है। इस मौसम में नियमित रूप से हाथ धोना, श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन करना और लक्षण दिखने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना शामिल है। अगर परिवार में कोई अस्वस्थ है तो उसके आसपास मास्क पहनना भी एक समझदारी भरा कदम है। 

कहां से आया स्वाइन फ्लू

H1N1 वायरस जिसे लोग स्वाइन फ्लू के नाम से जानते हैं, ये वायरस 2009 में पहली बार दुनिया के सामने आया। पहले वायरस मेक्सिको के वेराक्रूज इलाके में देखा गया और फिर इसी साल अप्रैल में अमेरिका के कैलिफोर्निया में भी इसके मामले देखे गए। चूंकि ये वायरस सूअरों से जुड़ा है इसलिए इसका नाम स्वाइन फ्लू रख दिया गया।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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