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सिरदर्द को सिर्फ थकान समझना पड़ सकता है भारी, जानें कब Headache हो सकता है गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी का संकेत?

 Written By: Poonam Yadav
 Published : Sep 15, 2026 07:46 pm IST,  Updated : Sep 15, 2026 07:46 pm IST

बार-बार होने वाले सिरदर्द को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन, कई बार सिरदर्द गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत भी हो सकता है।

बार बार सिरदर्द होने के कारण- India TV Hindi
बार बार सिरदर्द होने के कारण Image Source : UNSPLASH

सिरदर्द एक ऐसी समस्या है जिसका सामना लगभग हर व्यक्ति को करना पड़ता है। आमतौर पर आराम और नींद लेने के बाद यह परेशानी ठीक भी हो जाती है। लेकिन हर सिरदर्द को केवल थकान या तनाव मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। मेट्रो ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स में सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी और जेएमडी डॉक्टर सोनिया लाल गुप्ता कहती हैं कि कुछ मामलों में सिरदर्द गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। चलिए जानते हैं किस स्थिति में आपको सावधान हो जाना चाहिए?

अचानक और तेज सिरदर्द

अगर सिरदर्द अचानक शुरू हो और इसकी तीव्रता बहुत ज्यादा हो, खासकर ऐसा दर्द जो व्यक्ति ने पहले कभी महसूस न किया हो, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। अचानक होने वाला बेहद तेज सिरदर्द कभी-कभी ब्रेन में ब्लीडिंग या दूसरी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में घर पर दर्द की दवा लेकर इंतजार करने के बजाय तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए।

बार-बार होने वाला सिरदर्द

अगर सिरदर्द लगातार बढ़ रहा है, पहले की तुलना में ज्यादा बार हो रहा है या इसका पैटर्न बदल गया है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासतौर पर ऐसा सिरदर्द जो सुबह उठने के बाद ज्यादा हो, खांसने या जोर लगाने पर बढ़ जाए या लगातार कई दिनों तक बना रहे, उसकी जांच जरूरी हो सकती है। कुछ मामलों में ऐसे लक्षण दिमाग के अंदर बढ़े हुए दबाव से जुड़े हो सकते हैं।

सिरदर्द के साथ दूसरे लक्षण दिखें तो न करें नजरअंदा

सिरदर्द के साथ अगर हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में परेशानी, चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा होना, चलने या संतुलन बनाने में दिक्कत, अचानक नजर धुंधली होना, बेहोशी या भ्रम जैसी समस्या हो तो यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। ऐसे लक्षण स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति में दिखाई दे सकते हैं। समय पर इलाज मिलने से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है।

बुखार और गर्दन में अकड़न के साथ सिरदर्द

अगर तेज सिरदर्द के साथ बुखार, उल्टी, गर्दन में अकड़न, रोशनी से परेशानी या बेहोशी जैसी समस्या हो, तो इसे भी सामान्य सिरदर्द मानकर नहीं छोड़ना चाहिए। कुछ मामलों में यह दिमाग या उसकी झिल्लियों में संक्रमण जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

कब डॉक्टर के पास जाएं?

सिरदर्द के साथ बोलने, देखने या चलने में परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, बेहोशी, दौरा, तेज बुखार और गर्दन में अकड़न हो या सिर पर चोट लगने के बाद तेज सिरदर्द शुरू हो, तो मेडिकल मदद लें। सामान्य सिरदर्द अक्सर आराम और जीवनशैली में सुधार से ठीक हो सकता है, लेकिन दर्द का अचानक शुरू होना, लगातार बढ़ना, बार-बार लौटना या दूसरे न्यूरोलॉजिकल लक्षणों के साथ होना चेतावनी का संकेत हो सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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