बलशाली बनने का फॉर्मूला किसी और के नहीं आपके अपने हाथ में हैं इसके लिए ना उम्र की सीमा है और ना जेंडर-जाति-धर्म का बंधन।वैसे भी सर्दी की शुरुआत हो चुकी है मौसम विभाग के मुताबिक 4 से 5 दिन में पछुआ हवा चलने वाली है मतलब ये कि 'ला-नीना' का इफेक्ट दिखना शुरु हो जाएगा और तापमान में गिरावट आते ही सबसे पहले इसका असर आपके डेली रुटीन पर पड़ेगा। फिजिकल एक्टिविटी में कमी आएगी। एटमॉस्फेरिक प्रेशर और लो टेंपरेचर की वजह से मांसपेशियों में दर्द-कमजोरी बढ़ेगी और जिनकी मसल्स पहले से वीक है उन्हें तो सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। नॉर्मल मूवमेंट तक मुश्किल हो जाता है। बोन्स और ज्वाइंट्स की परेशानी भी शुरु हो जाती है वैसे भी 'नॉन कम्युनिकेबल डिजीज' के बढ़ते मामले और इनसे जान जाने का खतरा पूरी दुनिया को डरा रहा है।
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WHO की रिपोर्ट के मुताबिक तो 65% मौत सिर्फ NCD से हो रही है। वैसे कम्युनिकेबल हों या नॉन कम्यूनिकेबल डिजीज चाहे वो वायरल-बैक्टीरियल इंफेक्शन हो या फिर शुगर-बीपी-थायडाइड-लिवर-किडनी-सांस की बीमारी असर सबसे पहले मांसपेशियों पर भी दिखता है। ऐसे में बजरंगबली की तरह ताकतवर-फौलादी बनने के लिए आज से हमारे तमाम योगी दर्शक हर दिन पावर योग का एक सेशन करें और बलशाली बनें। वैसे भी सर्दी का महीना शरीर को हृष्ट-पुष्ट-दुरुस्त बनाने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है। नेचर मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक--एक्सरसाइज मसल्स की एज को भी रिवर्स करती है तो चलिए।।आज योगगुरु से, बजरंगबली की तरह बलशाली बनने का योगिक फॉर्मूला जानते हैं।।ताकि ठंड के इन तीन महीनों में शरीर में ताकत भर सकें।
कमजोर मसल्स - क्या है वजह
- शरीर में खून की कमी
- नसों पर दबाव
- जेनेटिक डिसऑर्डर
- ऑटो इम्यून डिजीज संक्रमण
मांसपेशियों का दर्द - क्या हैं उपाय
- पैदल चले
- रोज दूध पीएं
- ताजा फल खाएं
- हरी सब्जियां खाएं
- ज्यादा देर ना बैठे
- मोटापा घटाएं
- वर्कआउट करें
- जंक फूड से परहेज