जैसे-जैसे दिन छोटे होने लगते हैं और धूप कम हो जाती है, कई लोग अपने मूड में बदलाव महसूस करते हैं। मन भारी लगना, थकान रहना, काम में मन न लगना या किसी चीज़ में दिलचस्पी न होना। अक्सर इसे लोग विंटर ब्लूज़ या सर्दियों की उदासी कहकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जबकि यह स्थिति वास्तव में सीज़नल अफेक्टिव डिसऑर्डर (Seasonal Affective Disorder) नामक एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।
क्या है सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD)?
डॉक्टर आस्तिक जोशी (चाइल्ड, एडलोसेंट एवं फॉरेंसिक साइकियाट्रिस्ट, वेदा क्लिनिक रोहिणी एवं फोर्टिस हेल्थकेयर, दिल्ली) ने बताया कि सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर एक प्रकार का मूड डिसऑर्डर है जो हर साल किसी एक विशेष मौसम, आमतौर पर सर्दियों के महीनों में बार-बार होता है। इस दौरान व्यक्ति का मूड लगातार उदास रहता है और एनर्जी लो फील होती है।
डॉक्टर ने बताया, 'अगर किसी व्यक्ति में सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर के लक्षण दिख रहे हैं, तो यह किसी बड़े मूड डिसऑर्डर जैसे मेजर डिप्रेशन या बाइपोलर डिसऑर्डर का संकेत भी हो सकता है।' इसीलिए इन लक्षणों को समय रहते पहचानना और मदद लेना बेहद जरूरी है ताकि यह समस्या जीवन की दिनचर्या को प्रभावित न करे।
SAD के सामान्य लक्षण
- लगातार उदासी या निराशा का भाव
- प्रेरणा की कमी और रुचि वाले कार्यों में अरुचि
- थकान या ऊर्जा की कमी
- नींद में बदलाव – ज़रूरत से ज़्यादा सोना या नींद न आना
- भूख में बदलाव, विशेषकर मीठा या कार्बोहाइड्रेट्स खाने की इच्छा
- एकाग्रता में कमी
- गंभीर मामलों में निराशा या आत्मघाती विचार
SAD के कारण क्या हैं?
SAD का सही कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन सर्दियों में धूप की कमी इसका प्रमुख कारण माना जाता है। सूर्य प्रकाश की कमी से शरीर की जैविक घड़ी (बॉडी क्लॉक) प्रभावित होती है, जिससे सेरोटोनिन (मूड नियंत्रित करने वाला रसायन) का स्तर घट जाता है और मेलाटोनिन (नींद नियंत्रित करने वाला हार्मोन) का स्तर असंतुलित हो जाता है।
कब डॉक्टर को दिखाएं?
अगर किसी व्यक्ति को हर साल किसी एक मौसम खासतौर से सर्दियों में मूड में बदलाव महसूस होता है, तो तुरंत किसी मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज से इस समस्या को नियंत्रण में लाया जा सकता है और इससे आपकी लाइफस्टाइल पर असर नहीं पड़ता है।
SAD का इलाज क्या है?
SAD के इलाज में साइकोथेरेपी (मनोचिकित्सा), लाइट थेरेपी (कृत्रिम रोशनी से उपचार), एंटीडिप्रेसेंट दवाएं, और जीवनशैली में सुधार जैसे नियमित व्यायाम, सामाजिक जुड़ाव बनाए रखना और दिन के समय बाहर समय बिताना शामिल हो सकता है।
हल्का मन उदास होना सर्दियों में आम बात है, लेकिन अगर यह उदासी लंबे समय तक बनी रहे और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। सीज़नल अफेक्टिव डिसऑर्डर पूरी तरह इलाज से ठीक होने वाली समस्या है। इसे हेल्दी लाइफस्टाइ से काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)