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दक्षिण और पश्चिम भारत में बाढ़ और वर्षा से 183 लोगों की मौत, कई राज्यों में स्थिति गंभीर हुई

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Aug 11, 2019 11:48 pm IST, Updated : Aug 12, 2019 07:42 am IST

कई दिनों से बारिश से बेहाल केरल में रविवार को भले ही वर्षा में कमी आयी लेकिन इससे जुड़ी घटनाओं में 60 लोगों की मौत हो गयी जबकि कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में स्थिति गंभीर बनी हुई है और 97 लोगों की जान चली गयी।

157 dead in flood, rain-related incidents in South and west...- India TV Hindi
157 dead in flood, rain-related incidents in South and west India

तिरुवनंतपुरम/मुम्बई: कई दिनों से बारिश से बेहाल केरल में रविवार को भले ही वर्षा में कमी आयी लेकिन इससे जुड़ी घटनाओं में 60 लोगों की मौत हो गयी जबकि कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में स्थिति गंभीर बनी हुई है और 97 लोगों की जान चली गयी। कर्नाटक में सभी नदियां उफान पर हैं। बेल्लारी जिले में तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर हम्पी रविवार की सुबह एक जलाशय से 1.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद डूब गया। 

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अधिकारियों के अनुसार हंपी से पर्यटकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। कर्नाटक में अप्रत्याशित बाढ़ के चलते पिछले हफ्ते से अब तक 31 लोगों की जान चली गयी और 17 जिलों के 80 तालुकों में चार लाख लोग विस्थापित हो गये। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक और महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। केरल में 2.27 लाख से अधिक लोगों ने 1,551 राहत शिविरों में शरण ली है। 

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को अधिकारियों के साथ मिलकर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और बाद में संवाददाताओं से कहा कि आठ अगस्त से वर्षाजनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या 60 हो गयी है। कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को उड़ान परिचालन बहाल हो गया। रनवे पर पानी भर जाने के कारण हवाई अड्डा दो दिनों से बंद था। भारतीय मौसम विभाग ने भारी वर्षा अनुमान के मद्देनजर कन्नूर, कसारगोड और वायनाड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 

रविवार सुबह आठ बजे तक कोझिकोड के वडकारा में सर्वाधिक 21 सेंटीमीटर वर्षा हुई। त्रिशूर के कोडंगल्लूर में में 19.9 सेंटीमीटर और मलप्पुरम के पेरिंथलमन्ना में 13.8 सेंटीमीटर बारिश हुई। विजयन ने कहा कि बड़े बांधों में जलस्तर अब चिंता का विषय नहीं है। सबसे अधिक प्रभावित वायनाड में बृहस्पतिवार को बड़ा भूस्खलन हुआ था और आठ व्यक्ति अब भी लापता हैं। उनकी तलाश जारी है। विभिन्न स्थानों पर सेना, नौसेना, तटरक्षक बल, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वयंसेवक और मछुआरे बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। दक्षिण रेलवे ने रविवार को मेंगलुरु -तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस, मवेली एक्सप्रेस, मालाबार एक्सप्रेस, कन्नौर-एर्नाकुलम इंटरसिटी एक्सप्रेस और एर्नाकुलम बेंगलुरु इंटरसिटी एक्सप्रेस समेत 10 ट्रेनें रद्द कर दीं। 

रेलवे ने कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल में राहत सामग्रियों की ढुलाई पर किराया माफ करने की घोषणा की है। इन राज्यों में दस लाख से अधिक लोगों को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए उनके घरों से अन्यत्र ले जाना पड़ा। रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (यातायात वाणिज्यिक) महेंद्र सिंह ने सभी रेल महाप्रबंधकों को भेजे पत्र में कहा, ‘‘देश के सभी सरकारी संगठन अब कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र मुफ्त में राहत सामग्री ले जा सकते हैं। अन्य संगठन, जिन्हें संभागीय रेल प्रबंधक सही समझते हों, भी इस प्रावधान का लाभ उठा सकते हैं।’’ 

कर्नाटक के बेल्लारी जिला प्रशासन ने नदी के तटों के आसपास रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा है क्योंकि भारी वर्षा के बाद तुंगभद्र बांध के सभी 33 गेट खोल दिये गये हैं। पश्चिमी महाराष्ट्र के पांच जिलों में एक हफ्ते में वर्षा जनित घटनाओं में करीब 35 लोगों की मौत हो गयी । उनमें वे 17 लोग भी हैं जो बृहस्पतिवार को सांगली में ब्रह्मनाल गांव के समीप नौका के पलटने से डूबकर मर गये थे। महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अबतक चार लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उनके अनुसार 69 तहसील में 761 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पश्चिमी महाराष्ट्र में बाढ़ की स्थिति में सुधार लाने के लिए कर्नाटक में कृष्णा नदी पर अलमाटी बांधी से पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। 

अधिकारी ने बताया कि सतारा में कोयना बांध से 53,882 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है क्योंकि उसके तटबंधीय क्षेत्र में अब भी बारिश हो रही है। महाराष्ट्र में पिछले एक हफ्ते से कोल्हापुर, सांगली, सतारा, ठाणे, पुणे, नासिक, पालघर, रत्नागिरि, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग जिले वर्षा से बेहाल हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इन दस जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने 29 टीमें, राज्य आपदा मोचन बल ने तीन, तटरक्षक बल ने 16 , नौसेना ने 41, सेना ने 10 टीमें तैनात की हैं। गुजरात के कई हिस्सों में अब भी भारी वर्षा का दौर जारी है जिससे वर्षा जनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या 31 हो गयी है। उनमें सौराष्ट्र में शनिवार से जान गंवाने वाले 12 लोग भी शामिल हैं। गुजरात के मध्य भाग, सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्रों के कई हिस्सों में पिछले तीन दिनों से जबर्दस्त वर्षा हो रही है।

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