1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. बेरहम नहीं हो सकती आज की पुलिस, उन्हें सभ्य बनना होगा: राजनाथ सिंह

बेरहम नहीं हो सकती आज की पुलिस, उन्हें सभ्य बनना होगा: राजनाथ सिंह

 Reported By: Bhasha
 Published : Oct 07, 2017 06:08 pm IST,  Updated : Oct 07, 2017 06:08 pm IST

गृहमंत्री ने केन्द्र और राज्य दोनों पुलिस बलों से अपील की कि प्रदर्शन या दंगे जैसी स्थिति में हंगामा करने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और उनका ध्यान भटकाने के लिए समुचित नई तकनीक और मनोवैज्ञानिक समाधान का प्रयोग करें...

Rajnath Singh- India TV Hindi
Rajnath Singh | PTI Photo

मेरठ: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को रेखांकित किया कि 21वीं सदी की पुलिस बेरहम नहीं हो सकती है, बल्कि उसे सभ्य बनना होगा और पुलिसकर्मियों से कहा कि दंगे और प्रदर्शनों जैसी चुनौतीपूर्ण हालात से निपटते वक्त वे धैर्य रखें। मंत्री ने केन्द्र और राज्य दोनों पुलिस बलों से अपील की कि प्रदर्शन या दंगे जैसी स्थिति में हंगामा करने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और उनका ध्यान भटकाने के लिए समुचित नई तकनीक और मनोवैज्ञानिक समाधान का प्रयोग करें। सिंह ने रैपिड ऐक्शन फोर्स (RAF) की रजत जयंती समारोह पर जवानों को संबोधित करते हुए उक्त बात कही।

उन्होंने सुरक्षा बलों से कहा कि वह जाति, धर्म और क्षेत्रीयता के आधार पर देश को तोड़ने का प्रयास करने वाली घटनाओं पर प्रभावी निगरानी रखें। उन्होंने कहा, ‘21वीं सदी की पुलिस बेरहम बल नहीं हो सकती है। उसे सभ्य बल बनना ही होगा। पुलिस बल और जमीनी स्तर पर काम करने वाले जवानों को दंगा और प्रदर्शन कर रही भीड़ से जैसी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के दौरान धैर्य और नियंत्रण रखना होगा। मैं समझ सकता हूं कि पुलिस बलों को कभी-कभी सख्ती बरतनी पड़ती है, लेकिन उन हालात में भी विवेक की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि वह पहले ही ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट को कम सख्ती का रास्ता तलाशने को कह चुके हैं। 

उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली के प्रमुख ने बलों को न्यूनतम बल का प्रयोग करके अधिकतम परिणाम पाने को कहा। RAF में अभी दस बटालियन काम कर रहे हैं और वह साम्प्रदायिक रूप से और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील 10 शहरों में पदास्थापित हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कर्मियों को 10,000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा जिससे वह वर्दी सिलवा सकें। उन्हें सिली-सिलाई वर्दी अब नहीं दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि वह इन बलों के 10 लाख कर्मियों की समय पर पदोन्नति सुनिश्चित करने के तरीकों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत