गोरखपुर: गोरखपुर की एक 67 साल की महिला को मां बनने का सुख मिला है, और यह संभव हुआ है IVF तकनीक के माध्यम से। महिला को मां बनने का सुख अपने विवाह के 48 बाद मिल सका है। अभी कुछ दिन पहले IVF की तकनीक की मदद से पंजाब के दंपति को 72 साल की उम्र में संतान सुख मिल चुका है।
50 की उम्र के बाद IVF तकनीक के उपयोग पर उठे सवाल
कुछ दिन पहले पंजाब की दलजिंदर कौर को 72 साल की उम्र में IVF तकनीक की मदद से संतान सुख तो मिलना जहां एक तरफ हर्ष का विषय बना वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों का एक वर्ग 50 की उम्र पार कर चुकी महिलाओं के लिए IVF तकनीक के प्रयोग को गलत करार देने के साथ ही इस पर रोक की मांग कर रहा है।
क्या है IVF तकनीक ?
दरअसल इन विट्रो फर्टिलाइजेशन तकनीक में हार्मोन के इंजेक्शन दिए जाते हैं जिसके कारण महिला के शरीर मे एग सेल्स अधिक बनने लगें। इसके बाद एग को गर्भाशय से निकाल लिया जाता है। उसके बाद स्पर्म से फर्टीलाइज करवाया जाता है। फर्टिलाइजेशन के बाद उसे महिला के यूटरस में रख दिया जाता है।
डॉक्टर IVF तकनीक को बेहतर और उपयोगी मानते हैं लेकिन 50 साल से अधिक की उम्र की महिलाओं के लिए इस तकनीक के प्रयोग पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि IVF तकनीक का उपयोग एक खास उम्र की महिलाओं के लिए ही ठीक रहती है क्योंकि अधिक उम्र में मां बनने से महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की जान को खतरा अधिक रहता है।