मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के के जवाहर बाग इलाके में अवैध कब्ज़ा हटाने गई पुलिस और सत्याग्रहियों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक एसपी सिटी और एक एसओ समेत 24 लोग मारे गए।एसपी मुकुल द्विवेदी सिर में गोली लगने से की वजह से गंभीर रुप से ज़ख्मी हो गए थे और इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। एसपी द्विवेदी से पहले SO संतोष यादव शहीद हो गए थे। झड़प में करीब पचास पुलिस वाले भी ज़ख्मी हुए हैं।
हिरासत में 200 लोग
देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान बार लोगों के शव बरामद हुए। मरने वालों की संख्या और भी बढ़ने की आशंका है। पुलिस ने इस मामले में 200 लोगों को हिरासत में लिया है। बुधवार की दोपहर जवाहर बाग में हिंसक झड़प उस वक्त शुरू हुई जब पुलिस कोर्ट के आदेश पर बाग की करीब दो अस्सी एकड़ ज़मीन पर दो साल से कब्ज़ा जमाये बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिये पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पुलिस पर हमला कर दिया। उन्होंने फायरिंग की और कई जगहों पर आग लगा दी। इसके बाद पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई करना पड़ी। नतीजतन हालात बिगड़ते चले गए और देर रात ये ऑपरेशन चलता रहा।
आईजी (कानून एवं व्यवस्था) एच आर शर्मा ने बताया कि करीब 3000 अतिक्रमणकारियों ने पुलिस दल के मौके पर पहुंचने पर उस पर पथराव किया और फिर गोली चलाई। उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर गोली चलाई। मथुरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि अतिक्रमणकारियों की गोलीबारी में पुलिस अधीक्षक (शहर) मुकुल द्विवेदी और फाराह पुलिस थाने के प्रभारी संतोष कुमार की जान चली गई।
CM अखिलेश ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, मृत पुलिस कर्मियों के परिजनों को 20 लाख रूपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) को मौके पर जाकर स्थिति को तत्काल काबू करने के निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और दोषियों को गिरफ्तार करने का निर्देश भी दिया है। डीएम राजेश कुमार ने बताया कि कार्यकर्ताओं के नेता राम वृक्ष यादव और समूह के सुरक्षा अधिकारी चंदन गौर वहां से अपने हजारों समर्थकों के साथ भाग गए।
उन्होंने बताया कि अतिक्रमणकारी पिछले ढाई साल से सरकारी बाग पर कब्जा जमाए बैठे थे। उन्हें कई बार नोटिस देकर मौके से हट जाने को कहा गया था। पिछले दो माह से उनको बलपूर्वक हटाए जाने के प्रयास किए जा रहे थे।