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'आप की अदालत' में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा-'ओम् हमारी भारतीय संस्कृति का प्रतीक'

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 14, 2020 10:03 pm IST,  Updated : Mar 14, 2020 11:36 pm IST

देश के रक्षा मंत्री और बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि ओम् हमारी भारतीय संस्कृति का प्रतीक है और मैं अपनी भारतीय संस्कृति को आंखों से ओझल नहीं कर सकता।

नई दिल्ली: देश के रक्षा मंत्री और बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि ओम् हमारी भारतीय संस्कृति का प्रतीक है और मैं अपनी भारतीय संस्कृति को आंखों से ओझल नहीं कर सकता। राजनाथ सिंह ने इंडिया टीवी पर प्रसारित रजत शर्मा के शो 'आप की अदालत' में सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही। राजनाथ सिंह से यह सवाल किया गया था कि भारत को मिलने वाले पहले राफेल फाइटर जेट पर उन्होंने 'ओम्' क्यों लिखा था। राजनाथ सिंह कहा: 'ओम् तो हमारी भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। मैं चाहे दुनिया की किसी धरती पर रहूं, मैं अपनी भारतीय संस्कृति को आंखों से ओझल नहीं कर सकता। केवल वही नहीं लिखा, उस प्लेन में बैठकर उड़ा भी मैं।'

राजनाथ सिंह ने खुलासा किया कि कैसे पिछले साल फ्रांस में राफेल जेट में उड़ान भरते समय उन्होंने पायलट से सुपरसोनिक रफ्तार में विमान उड़ाने के लिए कहा था। उन्होंने कहा, 'जब मैं राफेल में बैठा तो मैंने पायलट से पूछा, किस रफ्तार से चल रहे हो? पायलट ने कहा- 850-900 किमी. प्रतिघंटा। मैंने पूछा-क्या आप सुपरसोनिक गति से उड़ा सकते हैं? उसने कहा-जी हां। मैंने कहा- चिंता मत करो, सुपरसोनिक रफ्तार से चलाओ। तब पायलट ने कहा- आई एम प्राऊड ऑफ यू सर।' 

दिल्ली दंगों से पहले बीजेपी के कुछ नेताओं द्वारा भड़काऊ बयान देने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने दिल्ली बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा का यह कहते हुए बचाव किया कि उन्होंने अपने बयान में कहीं भी दंगे की धमकी नहीं थी। राजनाथ सिंह ने कहा, 'कपिल मिश्रा के बयान में क्या गलत था? उनकी पीड़ा ये है कि सड़क को रोका जा रहा था। उनके बयान का कहीं दंगे से कोई लेना-देना नहीं था। अनावश्यक रूप से लोग उनके बयान में दंगे जोड़ रहे हैं। इसके पीछे उनकी बदनीयति दिखाई दे रही है। सड़क पर उतरने का मतलब लोकतंत्र में धरने-प्रदर्शन होते हैं। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा-मार डालेंगे, काट डालेंगे।'

 
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा एक सभा में 'देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को' जैसी नारेबाजी के बारे में पूछे जाने पर राजनाथ सिंह ने कहा: 'चाहे जो भी हो मैं उस नारे से कतई सहमत नहीं हूं। जो मैंने देखा...उन्होंने ऊपर से नारा लगाया, गोली मारने की बात नीचे के लोगों ने कही। मैं डिफेंड तो नहीं करना चाहता, पर कभी-कभी यह भी हो सकता है... जो ऊपर खड़ा व्यक्ति कहता है... कभी एक-दो बार उसकी आवाज नीचे सुनाई नहीं देती। उस स्थिति में कुछ नेता अपने को सुधार लेते हैं, यहां नहीं सुधारा तो गलत है।' राजनाथ सिंह ने कहा कि वह चुनावों के दौरान मुस्लिमों के खिलाफ दिल्ली के बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा के भड़काऊ भाषण से भी सहमत नहीं थे। उन्होंने कहा- 'मैं इन सब चीजों से व्यक्तिगत रूप से कभी सहमत नहीं हूं। हमारी सोच बहुत स्पष्ट है।' 

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