श्रीनगर: हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की हत्या के विरोध में हड़ताल और कफ्र्यू जैसे प्रतिबंधों के कारण कश्मीर में आज दूसरे दिन भी जन-जीवन प्रभावित हुआ। साथ ही सुरक्षा कारणों से रुकी अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हो गई है। गृह मंत्रालय के अधिकारी ने यह जानकारी दी। ऐहतियाती तौर पर पूरी कश्मीर घाटी में अब भी प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की और स्थिति से निपटने के लिए उन्हें हरसंभव केंद्रीय सहायता देने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के ज्यादातर इलाकों और दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में प्रतिबंध लागू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि घाटी में प्रतिबंध लगाने का फैसला कानून-व्यवस्था को कायम रखने के लिए लिया गया है। कल, ये प्रतिबंध श्रीनगर, पुलवामा और अनंतनाग जिलों के केवल कुछ ही हिस्सों में लगाए गए थे।
इस बीच अलगाववादी प्रायोजित हड़ताल ने भी घाटी में सामान्य जन-जीवन को प्रभावित किया। कल इस हड़ताल को और दो दिन के लिए बढ़ा दिया गया।
उन्होंने बताया कि सार्वजनिक परिवहन बिल्कुल ठप था जबकि उन कुछ इलाकों में जहां प्रतिबंध लागू नहीं हैं वहां सड़कों पर कारें और ऑटो रिक्शा चलते दिखे।
शैक्षणिक संस्थान गर्मी की छुट्टीयों के कारण पहले से ही बंद हैं।
अलगाववादी समूहों ने सुरक्षा बलों की गोलीबारी में नागरिकों की हत्या के विरोध में कल हड़ताल की अवधि बढ़ा दी। घाटी में वर्तमान स्थिति के मद्देनजर सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर :सीयूके:, इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी :आईयूएसटी: और जम्मू ऐंड कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन :जेकेबीओएसई: ने परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
हिज्बुल मुजाहिदीन के पोस्टर में नजर आने वाले बुरहन वानी के मारे जाने का विरोध कर रहे पुलवामा के स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच ताजा झड़पों में आज एक युवक की मौत हो जाने पर इस हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। अब तक के इस घटनाक्रम में 200 लोग घायल भी हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती नें शांति स्थापित करने के लिए लोगों से सहयोग मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की जरूरतों के प्रति उत्तरदायी है, उनकी समस्याओं को लेकर चिंतित है और वह उनकी महत्वाकांक्षाओं तथा उम्मीदों को पूरा करने के लिए न्यायसंगत एवं पारदर्शी तरीके से काम कर रही है।