नई दिल्ली: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने गुरुवार को DRDO की तरफ से तैयार वेपन लोकेटिंग रेडार (WLR) ‘स्वाति’ को भारतीय सेना को सौंप दिया। यह दुश्मन के हथियारों की मौजूदगी तलाश कर उन्हें तबाह करने के लिए भारतीय सेना को गाईड करने का काम करेगा। LoC पर स्वाति का सफल फिल्ड ट्रायल हो चुका है। भारतीय सेना ने DRDO से 30 ऐसे रडारों की मांग की है जिनकी तैनाती पाकिस्तान से सटी सीमा और LoC पर की जाएगी।
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‘स्वाति’ की मदद से यूं कम होंगी सेना की मुश्किलें
दरअसल भारतीय सेना के पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान सीमा पार से लगातार फायरिंग कर रहा है और भारतीय पोस्ट को निशाना बना रहा है। सेना भी जवाबी कार्रवाई करती है लेकिन गोलीबारी करने वाले पाकिस्तान सेना की सटीक जानकारी न होने की वजह से भारतीय सेना के सामने मुश्किल आती है। ऐसे में स्वाति रडार सिस्टम के सेना में शामिल होने के बाद पाकिस्तान की बोलती बंद हो जाएगी। इस रडार के जरिए भारतीय सेना के जवान ये आसानी से पता लगा लेंगे की फायरिंग कहां से हो रही है, रॉकेट लॉन्चर कहां से दागे जा रहे हैं और उनकी दूरी और ट्रेजेक्टरी क्या है। स्वाति रडार के जरिए यह सब जानकारी चंद मिनटों में मिल जाएगी। इन सब जानकारियों से लैस भारतीय सेना जवाबी कार्रवाई में उस पाकिस्तानी पोस्ट या गोलीबारी की जगह को निशाना बना कर तबाह कर सकेगी।दुश्मन को बर्बाद करने के लिए काफी हैं दो मिनट
स्वाति रडार सिस्टम दुश्मन की तरफ से हो रही फायरिंग की लोकेशन या ठिकाने का सटीक पता लगाता है, दुश्मन के मोर्टार रॉकेट लॉन्चर और और आर्टिलरी गन को सिर्फ एक से दो मिनट में तबाह करने की ताकत रखता है। स्वाति रडार सिस्टम की रेंज 30 से 50 किलोमीटर तक है। इस रडार सिस्टम को फायर सिस्टम से जोड़ देने पर सीमा पर होने वाली फायरिंग की जानकारी के साथ ऑटोमैटिक मुहतोड़ जवाब भी दिया जा सकता है।
रडार के चलते थम गई पाकिस्तान की तरफ से होनेवाली गोलीबारी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस राडार सिस्टम को पाकिस्तान के बॉर्डर वाले इलाके और एलओसी पर लगाया गया है और इसके नतीजे भी काफी चौकाने वाले मिले हैं। सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान की तरफ से पहले जो भारी गोलीबारी होती थी वह इस राडार के आने से अब नहीं हो रही है। इसकी वजह यह है कि भारतीय सेना को इस रडार से पाकिस्तान की चौकी और पोस्ट की सटीक लोकेशन मिल जा रही है जिससे भारतीय सेना भी मुंहतोड़ जवाब दे रही है। यह रडार वहां भी काफी कारगर है जहां क्रॉस बॉर्डर फायरिंग होती है और दुश्मन रात में चुपके से दुश्मन घात लगाकर हमला करता है। इर रडार के आने के बाद यह नामुमकिन हो गया है।