नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरूण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण शौरी द्वारा की गई आलोचना को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि वह निजी महत्वकांक्षाओं के संतुष्ट नहीं होने के चलते की गई टिप्पणियों को अधिक महत्व नहीं देते। शौरी ने हाल में दिए एक साक्षात्कार में मोदी को एक ऐसा आत्ममुग्ध बताया था जो बिना किसी नियंत्रण या संतुलन के राष्ट्रपति प्रणाली वाली सरकार चला रहे हैं।
राजग सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर जेटली ने कहा, उनके (शौरी के) अनुसार यह चलन दो साल में आया या वह इससे पहले भी मौजूद था। मुझे लगता है कि जब निजी महत्वकांक्षाओं के संतुष्ट नहीं होने के चलते टिप्पणियां की जाती हैं तो कम से कम मैं उस टिप्पणी को अधिक महत्व नहीं देता। साक्षी महाराज, योगी आदित्यनाथ एवं साध्वी निरंजन ज्योति जैसे कुछ भाजपा नेताओं द्वारा की गई अरूचिकर टिप्पणियों पर वित्त मंत्री ने कहा कि उन पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया है।
उन्होंने कहा, पार्टी ने उन लोगों से कहा है तथा आप ने पिछले एक साल में प्रभाव देखा होगा। जो लोग इस तरह के बयान दे रहे थे उन पर अंकुश लगाया गया है। जेटली ने कहा, लोगों को उनकी टिप्पणियों में संयम बरतना चाहिए क्योंकि शासन के बारे में हमारा एजेंडा एवं नीतियां एक दिशा में जाती हैं तथा इस तरह के कुछ गलत संकेतों वाले बयान नीति भटकाव हो सकते हैं। उनसे हमें मदद नहीं मिलती।